जमशेदपुर/ Varun Kumar तुलसी भवन में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित संवाददाता सम्मेलन में महिला आरक्षण को लेकर बड़ा बयान सामने आया है. कार्यक्रम में हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक भानु प्रताप शाही, महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा, वरिष्ठ नेत्री मीरा मुंडा और जिला प्रवक्ता प्रेम झा सहित कई नेता मौजूद रहे.

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि महिला आरक्षण को लागू करने से पहले देश में जनगणना और परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. उन्होंने बताया कि इसका नोटिफिकेशन वर्ष 2023 में ही जारी कर दिया गया था. वर्तमान में विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी लगभग 13 से 14 प्रतिशत है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बढ़ाकर 33 प्रतिशत करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि भविष्य में महिलाओं को 50 प्रतिशत तक प्रतिनिधित्व देने का लक्ष्य है.
मनीष जायसवाल ने यह भी कहा कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए सीटों में भी वृद्धि की जाएगी. साथ ही उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष का काम केवल मुद्दों को लटकाना और भटकाना है, जबकि भाजपा जनगणना के बाद हर हाल में इस कानून को लागू करेगी.
वहीं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप शाही ने कहा कि झारखंड में अर्जुन मुंडा के मुख्यमंत्री रहते पंचायत स्तर पर महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही है और “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे अभियानों के माध्यम से महिलाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है.
भानु प्रताप शाही ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2023 में जो पार्टी इस मुद्दे के साथ थी, वही 2026 में इसका विरोध कर रही है. उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल को रांची में भाजपा की ओर से जन आक्रोश पदयात्रा निकाली जाएगी, जो 30 अप्रैल तक राज्य के सभी जिलों और मंडलों तक पहुंचेगी.

