चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवैध लौह अयस्क खनन का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दावा किया है कि जिले में प्रतिदिन 10 हजार टन से अधिक आयरन ओर की अवैध निकासी और ढुलाई हो रही है. पार्टी की जिला कोर कमेटी की बैठक जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम की अध्यक्षता में हुई, जिसमें इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया.

बैठक के बाद प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने बताया कि बड़ाजामदा, नोवामुंडी, जगन्नाथपुर के सेताकिया और गुवा थाना क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध खनन जारी है. झामुमो ने इस पूरे नेटवर्क में सन्नी सिंह, संतोष उर्फ डेबरा और अरविंद चौरासिया की कथित संलिप्तता का आरोप लगाया है. पार्टी का कहना है कि मशीन, मजदूर, ट्रांसपोर्ट और प्लांट तक सप्लाई का पूरा नेटवर्क इनके इशारे पर संचालित हो रहा है, हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
पार्टी के अनुसार बड़ाजामदा स्थित कोर मिनरल्स की बंद खदान अवैध खनन का केंद्र बन गई है, जहां चारदीवारी तोड़कर एक्सकेवेटर और हाइवा के जरिए रात में बड़े पैमाने पर खुदाई की जा रही है. दावा किया गया है कि महज 2 घंटे में 10 से 15 हजार टन तक फाइंस निकाला जा रहा है. इसके बाद अयस्क को क्रशर में ले जाकर फर्जी कागजात के जरिए वैध दिखाते हुए बाहर भेज दिया जाता है.
झामुमो का कहना है कि इस अवैध कारोबार से सरकार को करोड़ों रुपए का राजस्व नुकसान हो रहा है और प्रशासन की छवि भी प्रभावित हो रही है. जिला अध्यक्ष ने बताया कि इस मामले की जानकारी सीएम हेमंत सोरेन को भी दी जा चुकी है. मुख्यमंत्री ने निगरानी रखने और प्रशासन को सूचित करने का निर्देश दिया था.
अब झामुमो ने उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर 7 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई की मांग की है. पार्टी ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा.

