जामताड़ा/ Manish Baranwal समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति का आकलन किया गया.

बैठक के दौरान नाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की समीक्षा में यह सामने आया कि वहां प्रतिनियुक्त सर्जन न तो नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं और न ही सर्जरी करते हैं. इस पर नाराजगी जताते हुए उपायुक्त ने सख्त निर्देश दिया कि यदि सर्जन द्वारा सर्जरी नहीं की जा रही है तो उनका वेतन तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए और इसकी रिपोर्ट विभाग को भेजी जाए.
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य, बीसीजी कवरेज, पूर्ण टीकाकरण, मिजिल्स-रुबेला उन्मूलन, कुपोषण उपचार, परिवार नियोजन, एनीमिया मुक्त झारखंड, टीबी उन्मूलन, आयुष्मान भारत योजना और आभा कार्ड सहित कई योजनाओं की प्रगति पर असंतोष जताया. उन्होंने डेटा प्रविष्टि में लापरवाही को लेकर संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई.
उपायुक्त ने कहा कि जिले का प्रदर्शन कई पैरामीटर पर संतोषजनक नहीं है, इसलिए सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और कर्मी अपनी कार्यशैली में सुधार लाएं, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी.
आयुष्मान भारत योजना के तहत कम संख्या में कार्ड बनने और लाभुकों को प्लास्टिक कार्ड नहीं मिलने पर भी नाराजगी जताते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि ओपीडी में आने वाले मरीजों सहित सभी पात्र लाभुकों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाया जाए.
इसके अलावा, सदर अस्पताल में पीपीपी मोड पर संचालित डायलिसिस सेंटर के मानकों के अनुरूप संचालन नहीं होने पर भी सवाल उठाए गए. उपायुक्त ने विभाग को निर्देश दिया कि डायलिसिस सेंटर के लिए उचित स्थल चयन कर भवन निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया जाए.
बैठक में सिविल सर्जन डॉ शिव प्रसाद मिश्रा, विश्व स्वास्थ्य संगठन से डॉ दीपक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
साथ ही बताया गया कि फाइलेरिया उन्मूलन के तहत 20 अप्रैल से 5 मई तक 27 गांवों में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन अभियान चलाया जाएगा. उपायुक्त ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए माइक्रो प्लानिंग के तहत कार्य करने के निर्देश दिए.

