जामताड़ा/ Manish Baranwal 15 वर्षों के बाद होने जा रही भारत की जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. इसी क्रम में जिले के एसजीएसवाई सभागार में उपायुक्त सह प्रधान जनगणना पदाधिकारी रवि आनंद की अध्यक्षता में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त रवि आनंद, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सुजीत कुमार सिंह और जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी संतोष कुमार घोष सहित अन्य अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया.

उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि जनगणना 2027 का कार्य बेहद महत्वपूर्ण है और इसे पूरी गंभीरता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न करना होगा. उन्होंने बताया कि कोविड-19 के कारण पिछली बार प्रस्तावित जनगणना नहीं हो सकी थी, जिसके चलते इस बार यह 15 साल बाद आयोजित हो रही है. उन्होंने यह भी बताया कि यह भारत की पहली ऐसी जनगणना होगी, जिसमें आंकड़ों का संग्रहण डिजिटल माध्यम से किया जाएगा. सभी प्रगणकों को विशेष मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए डाटा संग्रह करना होगा.
प्रथम चरण में मकान सूचीकरण
जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य किया जाएगा. इसके लिए अधिकारियों और कर्मियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि कार्य के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि न हो. प्रशिक्षण के दौरान उप निदेशक जनगणना निदेशालय द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई और सभी संबंधित अधिकारियों को उनके दायित्वों से अवगत कराया गया. साथ ही डाटा संग्रहण, सत्यापन और समय पर सिस्टम में अपलोड करने की प्रक्रिया समझाई गई.
उल्लेखनीय है कि प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं गणना का कार्य 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक प्रस्तावित है. इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, जिला स्तरीय अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी और नगर निकाय के प्रतिनिधि समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे.

