रांची: झारखंड में लंबे समय से बंद पड़े दाखिल- खारिज (म्यूटेशन) के मामलों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. अब राज्य में दाखिल- खारिज की प्रक्रिया दोबारा शुरू कर दी गई है. हालांकि इसके लिए कुछ शर्तें भी लागू की गई हैं.

झारखंड सरकार के भू-राजस्व विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार वर्ष 2008 से पहले रजिस्टर्ड जमीन के मामलों में दाखिल- खारिज की प्रक्रिया की जा सकेगी. इस संबंध में विभाग ने राज्य के सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिया है.
सरकार के इस निर्णय के बाद राज्य में वर्षों से लंबित पड़े हजारों मामलों के निपटारे का रास्ता साफ हो गया है. बताया जा रहा है कि कई जिलों में बड़ी संख्या में ऐसे मामले लंबित थे, जिनमें जमीन का रजिस्ट्रेशन वर्ष 2008 से पहले का था, लेकिन विभिन्न कारणों से म्यूटेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी.
राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस आदेश के बाद ऐसे सभी मामलों में संबंधित अंचल कार्यालयों के माध्यम से दाखिल- खारिज की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी. इससे जमीन से जुड़े विवादों को कम करने और राजस्व व्यवस्था को सुचारु बनाने में भी मदद मिलेगी.
विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि निर्धारित नियमों के तहत लंबित मामलों की जांच कर दाखिल- खारिज की प्रक्रिया को पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके.

