जमशेदपुर: धालभूम स्थित भूमि सुधार उपसमाहर्ता (एलआरडीसी) कार्यालय में 20 लाख रुपये घूस मांगने के आरोप का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. आरटीआई कार्यकर्ता संघ के केंद्रीय महासचिव सह आजसू पार्टी के जिला सचिव कृतिवास मंडल ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और संबंधित अधिकारियों की संपत्तियों की ईडी से जांच कराने की मांग की है.

दरअसल, एलआरडीसी कार्यालय के प्रधान लिपिक भीम सोरेन पर 9.5 डिसमिल जमीन के लगान निर्धारण के लिए 20 लाख रुपये घूस मांगने का आरोप लगा है. शिकायतकर्ता द्वारा उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी को लिखित शिकायत दिए जाने के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रधान लिपिक भीम सोरेन को निलंबित कर दिया और बिष्टुपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.
कृतिवास मंडल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन केवल एक कर्मचारी पर कार्रवाई से पूरे मामले की सच्चाई सामने नहीं आएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि जब से भूमि सुधार उपसमाहर्ता सचिदानंद महतो ने धालभूम कार्यालय में योगदान दिया है, तब से कार्यालय में भ्रष्टाचार का माहौल बना हुआ है और बिना लेन- देन के कोई भी काम नहीं होता.
मंडल ने कहा कि इतनी बड़ी राशि की घूस मांगना किसी एक कर्मचारी के बस की बात नहीं हो सकती. इसलिए इस मामले में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए.
उन्होंने मांग की कि भूमि सुधार उपसमाहर्ता सचिदानंद महतो सहित संबंधित अधिकारियों के कार्यकाल और संपत्तियों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराई जाए. साथ ही कहा कि इस संबंध में ईडी को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की जाएगी, ताकि धालभूम स्थित एलआरडीसी कार्यालय को भ्रष्टाचार मुक्त बनाया जा सके और आम लोगों को राहत मिल सके.

