जमशेदपुर: केंद्रीय बजट 2026- 27 को उद्योग जगत ने विकासोन्मुख और सुधार- केंद्रित बजट बताया है. आरएसबी ग्लोबल के वाइस चेयरमैन और पूर्व सीआईआई ईस्टर्न जोन चेयरमैन एसके बेहरा ने बजट को भारतीय विनिर्माण क्षेत्र के लिए परिवर्तनकारी दस्तावेज करार दिया है. उन्होंने कहा कि यह बजट राजकोषीय अनुशासन और आधारभूत संरचना विकास के बीच संतुलन स्थापित करता है.

बेहरा ने ₹12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय को विकसित भारत की दिशा में बड़ा कदम बताया. उन्होंने कहा कि ऑटोमोटिव और इंजीनियरिंग क्षेत्रों को इस बजट से कनेक्टिविटी, आधुनिक तकनीक और तरलता के स्तर पर मजबूती मिलेगी. महत्वपूर्ण खनिजों जैसे लिथियम, कोबाल्ट और तांबा पर सीमा शुल्क समाप्त करने के निर्णय को उन्होंने दूरदर्शी कदम बताया, जिससे ईवी बैटरी और हाई- टेक कलपुर्जों की लागत घटेगी.
उन्होंने ‘पूर्वोदय’ पहल के तहत पूर्वी भारत में औद्योगिक कॉरिडोर और नए इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की घोषणा का स्वागत किया. उनके अनुसार झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे खनिज संपन्न राज्यों को इससे विशेष लाभ मिलेगा. ₹10,000 करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड को उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए संजीवनी बताया, जिससे सप्लाई चेन मजबूत होगी.
लॉजिस्टिक्स सुधार के तहत दानकुनी से सूरत तक समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर को उन्होंने पूर्वी भारत के लिए गेमचेंजर बताया. साथ ही ग्रीन मोबिलिटी, कंप्रेस्ड बायो-गैस मिश्रण और ग्रीन हाइड्रोजन पर जोर को पर्यावरण अनुकूल भविष्य की दिशा में सकारात्मक कदम बताया. उन्होंने कहा कि यह बजट पूर्वी क्षेत्र को औद्योगिक नेतृत्व की भूमिका में स्थापित करने की क्षमता रखता है.

