रांची: झारखंड की राजधानी रांची में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय का कार्यालय रणभूमि में तब्दील हो गया. जहां पेयजल विभाग के क्लर्क संतोष कुमार की कथित शिकायत के आधार पर अहले सुबह एयरपोर्ट थाना पुलिस की टीम ने अचानक ईडी कार्यालय में दबिश दी और अधिकारियों से पूछताछ की.

ईडी अधिकारियों का कहना है कि संतोष कुमार को कोई समन जारी नहीं किया गया था. इसके बावजूद जब वह स्वयं कार्यालय पहुंचा तो उससे पूछताछ शुरू की गई.
ईडी के अनुसार एक- दो सवालों के बाद ही संतोष कुमार ने सहयोग से इनकार करना शुरू कर दिया और इसी दौरान उसने शीशे की बोतल से खुद के सिर पर वार कर लिया. ईडी का दावा है कि घटना के बाद संतोष कुमार को तत्काल अस्पताल ले जाया गया. इलाज के बाद उसे वापस ईडी कार्यालय लाया गया, जहां उसने हाइपरटेंशन और बीपी की बीमारी का हवाला देते हुए अपने कृत्य की बात लिखित रूप में स्वीकार की.
इसी बीच पूरा घटनाक्रम उस वक्त नाटकीय मोड़ ले गया, जब ईडी अधिकारियों ने जांच के नाम पर झारखंड से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामलों की फाइलों और डिजिटल डेटा के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई. इसके बाद ईडी कार्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई. रांची पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और जवानों की टीम ईडी कार्यालय पहुंची. कार्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई, जबकि भीतर सदर डीएसपी, एयरपोर्ट थाना प्रभारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे. पुलिस सीसीटीवी फुटेज की तलाश में जुटी हुई है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके.
इधर ईडी कार्यालय में झारखंड पुलिस की एंट्री को लेकर केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि रांची पुलिस द्वारा ईडी कार्यालय में जाकर जांच करना पूरी तरह तानाशाही है. उन्होंने आरोप लगाया कि रांची पुलिस झारखंड सरकार के इशारे पर काम कर रही है.
दूसरी ओर संतोष कुमार ने आरोप लगाया है कि ईडी के सहायक निदेशक प्रतीक और उनके सहायक शुभम ने कार्यालय बुलाकर उनके साथ मारपीट की. इस आरोप के आधार पर संतोष कुमार ने एयरपोर्ट थाना में ईडी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है.
गौरतलब है कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में कथित 20 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी संतोष कुमार पर पहले ही रांची के सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज है. उसे जेल भेजा गया था और फिलहाल वह जमानत पर है. इसी मामले में ईडी ने पीएमएलए अधिनियम के तहत ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी. अब पुलिस और ईडी के बीच इस टकराव ने पूरे मामले को सियासी रंग दे दिया है. जांच किस दिशा में जाती है और सच्चाई क्या सामने आती है, इस पर पूरे राज्य की नजरें टिकी हुई हैं.

