आदित्यपुर: आईटीआई आदित्यपुर स्थित सभागार में बुधवार को भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और उद्योग विभाग, झारखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में पीएम विश्वकर्मा योजना को लेकर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में 150 से अधिक कारीगरों और उद्यमियों ने भाग लेकर योजना की प्रक्रिया और लाभों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की. कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ.

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि क्षेत्रीय निदेशक आईईडीएस/एचईसीएल रांची विवेक कुमार दूबे तथा विशिष्ट अतिथि जिला महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र श्री शंकर प्रसाद उपस्थित रहे. इनके साथ एडीएम (कानूनी विधि) मनोज कुमार चौधरी, बीटीएम कृषि चंदन कुमार दवे, बीडीओ संजय कुमार एवं अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे. कार्यक्रम का संचालन जिला उद्योग केंद्र द्वारा किया गया.
प्रतिभागियों को बताया गया कि पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य परंपरागत कौशल आधारित 18 श्रेणियों के कारीगरों और हस्तशिल्पियों को सशक्त बनाना है. योजना के अंतर्गत कौशल उन्नयन प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, डिजिटल पहचान (पीएम विश्वकर्मा आईडी), प्रमाणन, टूलकिट सहायता, ऋण सुविधा, विपणन और डिजिटल ऑनबोर्डिंग जैसी सुविधाएं दी जाती हैं. प्रशिक्षण के बाद लाभुकों को 15 हजार रुपये की टूलकिट सहायता तथा एक लाख से दो लाख रुपये तक का ऋण रियायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है.
मुख्य अतिथि श्री विवेक कुमार दूबे ने कहा कि यह योजना परंपरागत कारीगरों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का सशक्त माध्यम है. उन्होंने सभी पात्र लोगों से पंजीकरण कर योजना का लाभ उठाने की अपील की.
कार्यशाला के दौरान पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज, पात्रता मानदंड, प्रशिक्षण व्यवस्था और ऋण स्वीकृति से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई. साथ ही आवेदन की प्रक्रिया को लेकर व्यवहारिक मार्गदर्शन भी किया गया.
जिला उद्योग केंद्र ने बताया कि बढ़ई, लोहार, कुम्हार, राजमिस्त्री, सुनार, मोची, नाई, दर्जी, टोकरी निर्माता, हथकरघा कारीगर, मछुआरे सहित अन्य परंपरागत कारीगर इस योजना के लिए पात्र हैं. जिले के सभी प्रखंडों में पंजीकरण और प्रशिक्षण को सरल बनाने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं.
प्रतिभागियों ने अपने प्रश्न रखे जिनका अधिकारियों द्वारा समाधान किया गया. उन्होंने योजना को लाभकारी बताते हुए स्व-रोजगार और उद्यमिता के प्रति उत्साह व्यक्त किया.

