आदित्यपुर/ Parmeshwar Gorai शुक्रवार को आदिवासी बचाओ संघर्ष मोर्चा की ओर से नगर निगम क्षेत्र के आवास बोर्ड कार्यालय के समक्ष जोरदार धरना- प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि आवास एवं भूखंड आवंटन प्रक्रिया में भारी अनियमितता और आरक्षण उल्लंघन किया गया है. साथ ही आदिवासी परिवारों के अधिकारों का भी हनन हुआ है.

धरना स्थल पर उपस्थित लोगों ने कहा कि आदिवासी निवासी राजा कुमार मिंज, जो पिछले 50 वर्षों से दान पट्टा पर दिंदली बस्ती, आदित्यपुर में रह रहे थे, उन्हें आवास बोर्ड की मनमानी के कारण बेघर कर दिया गया है.
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ST/SC/EWS वर्ग हेतु निर्धारित आरक्षण का पालन नहीं किया गया. कमजोर वर्ग की इकाइयाँ उच्च आय वर्ग के लोगों को आवंटित कर दी गईं. 8 किलोमीटर की परिधि में पहले से घर रखने वाले लोगों को भी आवास या भूखंड दे दिए गए. वहीं, पात्र आदिवासी परिवारों को वंचित रखा गया.
लोगों ने यह भी बताया कि आवास बोर्ड के कुछ कर्मचारियों और उनके परिजनों के नाम पर भी नियम विरुद्ध आवंटन किया गया है. कई लाभुकों ने आवंटन के बाद अपने भूखंड अवैध रूप से बेच दिए हैं. कई जगहों पर अब भी अवैध कब्जा है, जिन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.
मोर्चा ने आरोप लगाया कि प्रदीप महतो और एक बिल्डर ने मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर राजा कुमार मिंज का भूखंड अपने नाम आवंटित करवा लिया. इसके बाद JCB चलवाकर उन्हें बेघर कर दिया गया. इसे प्रदर्शनकारियों ने मौलिक अधिकार और मानवाधिकार का घोर उल्लंघन बताया.
धरना के दौरान आदिवासी बचाओ संघर्ष मोर्चा ने प्रशासन के समक्ष कई प्रमुख माँगें रखीं —
1. ST/SC/EWS वर्ग हेतु निर्धारित आरक्षण के अंतर्गत आवास और भूखंडों का पुनः आवंटन किया जाए.
2. राजा कुमार मिंज को तत्काल पुनर्वास प्रदान किया जाए.
3. स्थापना वर्ष से अब तक किए गए सभी नियमविरुद्ध आवंटन रद्द किए जाएँ.
4. प्रदीप महतो को आवंटित भूखंड का आवंटन रद्द किया जाए.
5. ST/SC/EWS वर्ग के वास्तविक मूल निवासियों को प्राथमिकता दी जाए.
6. दोषी अधिकारियों और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए.
मोर्चा के सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

