खरसावां: टाटा स्टील फाउंडेशन Tata Steel Foundation के तत्वावधान में उड़ीसा के कलिंगा नगर से झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम एवं सरायकेला जिलों तक आदिवासी हो भाषा शिक्षकों की शैक्षणिक यात्रा का आयोजन किया गया. इस यात्रा में 51 प्रशिक्षु शिक्षक शामिल हुए.

यात्रा के दौरान प्रशिक्षु शिक्षकों ने पासिया गांव स्थित हो भाषा वारंग चिति लिपि के प्रवर्तक ओत गुरु कोल लाको बोदरा के आवास का दौरा किया. इसके अलावा कोल धुरुवा युद्ध (1460) स्थल रंकाईगुटु, खरसावां शहीद स्थल तथा कुचाई स्थित मानव सर्जन स्थल लुकुबुरु का भी भ्रमण किया गया. इस शैक्षणिक यात्रा का नेतृत्व आदिवासी हो समाज महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष कृष्ण चंद्र बोदरा एवं इंस्टिट्यूट ऑफ़ एंशिएंट कल्चर एंड साइंस सोसायटी के पूर्व महासचिव जगन्नाथ हासदा ने किया.
साथ ही टाटा स्टील फाउंडेशन से वीरेन तियु, देवराज मुंडा और अजिंक्य बिरूवा, महासभा के प्रखंड अध्यक्ष रामलाल हेंब्रम एवं उपाध्यक्ष मनोज कुमार सोय भी उपस्थित रहे. इस दौरान शिक्षकों ने अपने सांस्कृतिक इतिहास और भाषा के संरक्षण की दिशा में ज्ञानवर्धन किया तथा अपने अनुभवों को साझा किया.

