जमशेदपुर: एक्सएलआरआइ जेवियर स्कूल ऑफ मैनेजमेंट में मंगलवार को झारखंड के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने “औद्योगिक विवादों के समाधान में राज्य की भूमिका” विषय पर एमबीए- एचआरएम के छात्रों को संबोधित किया. यह सत्र एक्सएलआरआइ दिल्ली- एनसीआर के चीफ स्ट्रैटेजी एवं एचआर प्रमुख हरभजन सिंह के द्वारा आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य छात्रों की श्रम कानूनों की व्यावहारिक समझ को बढ़ाना था.

महाधिवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि प्रबंधन और कार्यबल के बीच विश्वास और वफादारी औद्योगिक शांति के लिए अनिवार्य हैं. उन्होंने बताया कि राज्य केवल एक रेगुलेटर नहीं बल्कि मीडिएटर और फेसिलिटेटर की भूमिका भी निभाता है. उन्होंने इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट एक्ट की प्रमुख धाराओं और कई महत्वपूर्ण मामलों का हवाला देते हुए कानूनी परिदृश्य की जानकारी दी. टाटा स्टील को भारत की पहली स्वदेशी कंपनी बताते हुए उन्होंने जमशेदपुर, बोकारो और राउरकेला को औद्योगिक मानचित्र का “समभुज त्रिकोण” कहा. सत्र के अंतिम चरण में छात्रों के साथ प्रश्नोत्तर भी हुए, जिसमें उन्होंने श्रम सुधार, विधिक अनुपालन और न्यायपालिका की भूमिका पर सरल और स्पष्ट उत्तर दिए. प्रोफेसर परमज्योत सिंह ने उनका आभार व्यक्त किया. महाधिवक्ता ने एक्सएलआरआइ की अकादमिक गुणवत्ता की सराहना करते हुए संस्थान को “उद्योग- तैयार पेशेवरों को गढ़ने वाली अग्रणी संस्था” बताया और छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं.

