चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिले के सोनुआ प्रखंड अंतर्गत सोनापोस पंचायत क्षेत्र में कई चापाकल और सोलर चालित जलमीनार वर्षों से खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. गर्मी के मौसम में पेयजल संकट गहराने के बावजूद विभाग और स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के कारण अब तक इनकी मरम्मत नहीं हो सकी है.

जानकारी के अनुसार, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा अन्य क्षेत्रों में खराब चापाकलों की मरम्मत का अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन प्रखंड मुख्यालय से सटे सोनापोस गांव में कई जलस्रोत लंबे समय से बंद पड़े हैं. इससे ग्रामीणों को एक से दो किलोमीटर दूर दूसरे गांवों से पानी लाना पड़ रहा है.

ग्रामीणों का कहना है कि खराब चापाकलों और जलमीनारों की सूचना कई बार विभाग और स्थानीय अधिकारियों को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई. सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और स्कूली बच्चों को हो रही है.

ग्रामीण जयचंद कैवर्त ने बताया कि गांव का नल महीनों से खराब पड़ा है. शिकायत के बावजूद अब तक मरम्मत नहीं हुई, जिसके कारण दूसरे गांव से पानी लाना पड़ रहा है. वहीं राधिका कैवर्त ने कहा कि पानी के लिए सोनुआ अस्पताल के पास और अन्य जगहों तक जाना पड़ता है, जिससे काफी दिक्कत होती है.

राधिका कैवर्त

जयचंद कैवर्त
ग्रामीणों ने बताया कि पंचायतों को मिलने वाली 15वें वित्त आयोग की राशि से भी खराब जलमीनारों की मरम्मत कराई जा सकती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इस दिशा में कोई पहल नहीं हो रही है. लोगों ने जिला प्रशासन और विभाग से जल्द खराब चापाकलों और जलमीनारों की मरम्मत कराने की मांग की है.
रिपोर्ट: जयंत प्रमाणिक



