सोनुआ/ Jayant Pramanik : झारखंड अलग हुए 23 साल के बाद झारखंड की जनता भारतीय जनता पार्टी, आजसू, झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस के द्वारा बन गई सरकार से ऊब चुकी है. जनता को अब नए विकल्प की तलाश है जो लोगों के विश्वास पर खरा उतर सके. 21 जनवरी को हुई नगाड़ा पिटावर महा रैली की समीक्षा बैठक के उपरांत पार्टी के सभी पदाधिकारी ने कोल्हान में झारखंड पार्टी ने अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज कर दी.नगाड़ा पिटावन महा रैली के मध्यम से जल जगंल जमीन शिक्षा स्वास्थ एवं रोजगार के जोरदार वकालत से झारखण्ड पार्टी एक विकल्प के रूप मे दिख रही हैं.



अब भारतीय जनता पार्टी के झूठ की राजनीति नहीं चलेगी और कांग्रेस शासन ने छत्तीसगढ़ के हंसदेवा से किस तरहा अदिवासीयों को खदेड़ा यह आदिवासी समुदाय भूल नहीं सकता और हाल ही में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने आदिवासियों के जंगल के अधिकार को खत्म करने का काम किया. ऐसी स्थिति में आदिवासियों का भरोसा दोनों पार्टियों की सरकार से उठ गया है, ये बाते झारखंड पार्टी के केन्दीया सचिव सह प्रवक्ता महेन्द्र जामुदा ने कही.
मौके पर चित्रसेन सिंकू पूर्व संसद सह केन्दीया कार्यकारी अध्यक्ष,जिला अध्यक्ष कोलंबस हसंदा, सरायकेला खरसावां जिला अध्यक्ष मनोज मोहाली, जिला युवा अध्यक्ष रेयांश समाड, महिला जिला अध्यक्ष सरस्वती दुबे, महासचिव मंगल सरदार, रतन गोप, बाल किशन दोराईबुरु, सिगंराय बारी, भरत गोप, विराम मुर्मू अधिगम उपस्थित हुए.





