
सरायकेला: झारखंड आंदोलनकारियों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से सरायकेला प्रखंड के हेंसा गांव में झारखंड आंदोलनकारी सम्मान समिति द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में नगर पंचायत सरायकेला के अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.


इस अवसर पर झारखंड आंदोलन के वरिष्ठ आंदोलनकारी स्वर्गीय मागू सोय एवं उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय लुगदी सोय की स्मृति में स्थापित शिलापट्ट पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई. इसके बाद उनकी स्मृति में वटवृक्ष का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया.
मनोज कुमार चौधरी ने कहा कि समिति के अध्यक्ष शंकर सोय वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं. उनके द्वारा लगाए गए कई पौधे आज विशाल वृक्ष बन चुके हैं और लोगों को शुद्ध वायु, हरियाली तथा छाया प्रदान कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि लगभग दो वर्षों तक अपने घर में संरक्षित वटवृक्ष को सार्वजनिक स्थल पर रोपित कर शंकर सोय ने समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है.
उन्होंने कहा कि स्वर्गीय मागू सोय और स्वर्गीय लुगदी सोय का संघर्ष, त्याग और समाज के प्रति समर्पण नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है. उनकी स्मृति में स्थापित शिलापट्ट आने वाली पीढ़ियों को झारखंड आंदोलन के इतिहास और आंदोलनकारियों के योगदान से परिचित कराता रहेगा. ऐसे महान आंदोलनकारियों का सम्मान करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.
मनोज कुमार चौधरी ने लोगों से अपील की कि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम-से-कम एक पौधा अवश्य लगाए और उसकी देखभाल भी करे. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है. अधिक से अधिक वृक्षारोपण से ही आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सकेगा.
कार्यक्रम में झारखंड आंदोलनकारी सम्मान समिति के अध्यक्ष शंकर सोय, उपाध्यक्ष मंगल मांझी, सचिव डॉ. अतुल सरदार, मनोज महतो सहित समिति के पदाधिकारी, ग्रामीण और कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे. सभी ने पर्यावरण संरक्षण और झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान का संकल्प दोहराया.
प्रमोद सिंह (संपादक)





