सरायकेला: जन वितरण प्रणाली की बदहाली को लेकर सरायकेला- खरसावां जिले में एकबार फिर से गंभीर मामला सामने आया है. जनवरी 2026 का आधा महीना बीत जाने के बावजूद गम्हरिया प्रखंड के गरीबों को मिलने वाला राशन अब तक वितरित नहीं किया गया है.

इस संबंध में माझी टोला निवासी संजय महतो ने डीसी को लिखित शिकायत करते हुए अविलंब मामले पर संज्ञान लेने और दोषी डीलरों एवं डीएसडी ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग की है. आवेदन में स्पष्ट रूप से जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों की लापरवाही और विभागीय उदासीनता का आरोप लगाया गया है. शिकायत में कहा गया है कि जनवरी 2026 का खाद्यान्न निर्धारित समय तक दुकानों तक पहुंचाया ही नहीं गया. राशन डीलरों का कहना है कि गोदामों से अनाज का उठाव समय पर नहीं कराया गया, जबकि उपभोक्ताओं पर दबाव बनाया जा रहा है कि वितरण 100 प्रतिशत दिखाया जाए. इस स्थिति में न तो डीलर सही ढंग से वितरण कर पा रहे हैं और न ही लाभुकों को उनका हक मिल पा रहा है. शिकायत में यह भी उल्लेख है कि गरीब परिवारों को यह कहकर लौटा दिया जा रहा है कि अनाज उपलब्ध नहीं है. जबकि कागजों में वितरण दिखाने का दबाव बनाया जा रहा है, जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है.
सबसे चिंताजनक बात यह है कि ठंड के इस मौसम में गरीब और जरूरतमंद परिवार बिना राशन के रहने को मजबूर हैं. मकर संक्रांति और टुसु पर्व बीत चुका है. इतने महत्वपूर्ण पर्व में लाभुकों को खाद्यान उपलब्ध नहीं कराना उनके मौलिक अधिकारों का सीधे तौर पर हनन है. शिकायतकर्ता ने इसे मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. पत्र में जन वितरण प्रणाली से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं. कहा गया है कि अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ तो स्थिति और भयावह हो सकती है. अब बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार मुफ्त राशन देने का दावा कर रही है, तो फिर गरीबों की थाली खाली क्यों है. क्या जन वितरण प्रणाली सिर्फ कागजों और आंकड़ों तक सीमित रह गई है.

