सरायकेला: शहर को स्वच्छ रखने वाले सफाईकर्मी खुद आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. सरायकेला नगर पंचायत के सफाईकर्मियों और आउटसोर्स कर्मियों का आरोप है कि उन्हें पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है. दुर्गा पूजा नजदीक है, लेकिन जिन कर्मियों के भरोसे शहर की सफाई व्यवस्था चलती है, उनके सामने घर का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है.


वेतन भुगतान की मांग को लेकर बार-बार गुहार लगाने के बावजूद समाधान नहीं निकलने से नाराज कर्मियों ने अब एक अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दिया है. उनका कहना है कि निर्धारित समय तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं हुआ तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. ऐसा होने पर दुर्गा पूजा के दौरान शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है.
राशन से बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित
सफाईकर्मियों का कहना है कि वे लगातार अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन तीन महीने का वेतन नहीं मिलने से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है. राशन, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. त्योहार सामने होने के कारण परेशानी और बढ़ गई है.
कर्मियों का आरोप है कि वे वेतन भुगतान को लेकर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के समक्ष अपनी समस्या रख चुके हैं, लेकिन अब तक भुगतान नहीं हो सका है. कर्मियों का सवाल है कि नियमित रूप से काम करने के बावजूद उन्हें अपने मेहनताने के लिए आखिर कब तक इंतजार करना पड़ेगा.
एक अक्टूबर तक का अल्टीमेटम
नाराज सफाईकर्मियों ने नगर पंचायत प्रबंधन को चेतावनी दी है कि एक अक्टूबर तक तीन महीने का बकाया वेतन नहीं मिलने पर वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे. उनका कहना है कि लंबे समय तक बिना वेतन के काम करना उनके लिए संभव नहीं है. दुर्गा पूजा के दौरान शहर में सामान्य दिनों की तुलना में साफ-सफाई की जरूरत बढ़ जाती है. ऐसे समय में सफाईकर्मियों की हड़ताल होती है तो नियमित कचरा उठाव और सफाई कार्य प्रभावित हो सकता है. इससे आम लोगों की परेशानी भी बढ़ सकती है.
त्योहार से पहले भुगतान होगा या हड़ताल पर जाएंगे कर्मी ?
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नगर पंचायत दुर्गा पूजा से पहले सफाईकर्मियों के बकाया वेतन का भुगतान कर पाएगा या कर्मियों को हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ेगा. तीन महीने से वेतन लंबित रहने के कारण नगर पंचायत की कार्यप्रणाली और भुगतान व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. मामले में नगर पंचायत प्रशासन का पक्ष सामने आना भी जरूरी है कि वेतन भुगतान में देरी की वजह क्या है और बकाया राशि का भुगतान कब तक किया जाएगा. त्योहार से पहले इस समस्या का समाधान नहीं हुआ तो इसका असर कर्मचारियों के परिवारों के साथ शहर की सफाई व्यवस्था पर भी पड़ सकता है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

