सरायकेला: घर से निकले 60 वर्षीय मोची राम महतो की तलाश कर रहे परिजनों को क्या पता था कि उनकी खोज का अंत ऐसी दर्दनाक खबर के साथ होगा. सरायकेला थाना अंतर्गत सिमलबेड़ा गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब गांव के समीप ही मोची राम महतो का शव बरामद हुआ. मृतक की गर्दन पर कटने के निशान मिलने से हत्या की आशंका गहरा गई है. आखिर किसने इस वारदात को अंजाम दिया और गांव के इतने करीब शव फेंकने के पीछे क्या वजह थी ? इन सवालों का जवाब अब पुलिस की जांच में तलाशा जा रहा है.


मिली जानकारी के अनुसार, सिमलबेड़ा निवासी मोची राम महतो 15 अक्टूबर को अपने घर से निकले थे. काफी समय तक वापस नहीं लौटने पर परिजन उनकी खोजबीन में जुट गए. परिवार के लोग उनकी तलाश कर ही रहे थे कि शनिवार को गांव के बगल में उनका शव दिखाई दिया. शव मिलने की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया और घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटने लगी.
मृतक की गर्दन पर कटने के निशान पाए जाने की बात सामने आई है. इससे मामले में हत्या की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, हत्या के पीछे की वजह क्या है और इस वारदात को किसने अंजाम दिया, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है.
सरायकेला थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि मोची राम महतो 15 अक्टूबर को घर से निकले थे. परिजन उनकी खोजबीन कर रहे थे. शनिवार को उनका शव गांव के समीप बरामद हुआ. उनकी गर्दन पर कटने के निशान मिले हैं.
उन्होंने बताया कि परिजनों के बयान के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है.
गांव के पास ही शव मिलने और गर्दन पर कटने के निशान होने से घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. पुलिस अब मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है. हत्या की वजह, घटना में शामिल लोगों और वारदात की परिस्थितियों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा.
फिलहाल, 60 वर्षीय मोची राम महतो की मौत से गांव में शोक के साथ-साथ घटना को लेकर चर्चा का माहौल है. ग्रामीणों की निगाहें अब पुलिस की जांच पर टिकी हैं कि इस मामले की गुत्थी कब सुलझती है और दोषियों की पहचान कब होती है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

