सरायकेला: एक संवेदनशील अभियान ने जिले को शर्मसार होने से बचा लिया. गुरुवार सुबह करीब 8:30 बजे चांडिल अनुमंडल के चिलगु के समीप एक विक्षिप्त गर्भवती महिला लहूलुहान हालत में पाई गई. स्थानीय सूत्रों के अनुसार महिला के विक्षिप्त होने का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों ने उसके साथ दुष्कर्म किया था, जिससे वह गर्भवती हो गई.

घटना स्थल से गुजर रहे लोग उसे नजरअंदाज कर आगे बढ़ते रहे, लेकिन स्थानीय पत्रकार विश्वरूप पांडा ने मामले को गंभीरता से लिया. उन्होंने तुरंत इसकी सूचना प्रेस क्लब के पदाधिकारियों को दी. प्रेस क्लब ने उपायुक्त नितीश कुमार सिंह, महिला समाज कल्याण पदाधिकारी और सखी वन स्टॉप सेंटर की कार्यकर्ता पूर्णिमा नायक को मामले से अवगत कराया.
उपायुक्त ने अपनी व्यस्तताओं के बीच तत्काल मातहत अधिकारियों को महिला के रेस्क्यू का निर्देश दिया. वहीं पुलिस अधीक्षक ने चांडिल अनुमंडल पुलिस को महिला की सुरक्षा सुनिश्चित करने और टीम के पहुंचने तक मौके पर डटे रहने का आदेश दिया. इस दौरान महिला कई बार बेहोश हुई. पत्रकार विश्वरूप पांडा ने साहस दिखाते हुए प्राथमिक मरहम-पट्टी की व्यवस्था कराई.
करीब तीन बजे सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम मौके पर पहुंची और महिला को रेस्क्यू कर चांडिल अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद उसे रांची रिनपास रेफर करने की सलाह दी गई. समय की बाध्यता के कारण उसी दिन ले जाना संभव नहीं हो सका, जिसके बाद कड़ी सुरक्षा में महिला को सरायकेला सदर अस्पताल में रखा गया. महिला सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में पूरी रात उसका उपचार जारी रहा. शुक्रवार को उसे रांची रिनपास भेज दिया गया.
इस पूरे अभियान में उपायुक्त नितीश कुमार सिंह की सक्रिय भूमिका और पुलिस प्रशासन की तत्परता सराहनीय रही. पत्रकार विश्वरूप पांडा और सखी वन स्टॉप सेंटर की कार्यकर्ता पूर्णिमा नायक के प्रयासों से एक संभावित बड़ी अनहोनी टल गई. हालांकि रेस्क्यू के दौरान व्यवस्था की कुछ खामियां भी सामने आईं, लेकिन प्रशासन की मॉनिटरिंग से स्थिति को समय रहते संभाल लिया गया.

