सरायकेला: पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय को झारखंड से राज्यसभा भेजने की मांग अब खुलकर सामने आने लगी है. झारखंड कोटे से राज्यसभा की दो सीटें जल्द खाली होने वाली हैं, जिसके बाद राज्य की राजनीति में सरगर्मी बढ़ गई है. महागठबंधन में शामिल दलों के बीच संभावित उम्मीदवारों को लेकर लगातार मंथन चल रहा है.

इसी बीच सरायकेला- खरसावां जिला कांग्रेस सचिव अजय कुमार साहू ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व से पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय को राज्यसभा उम्मीदवार बनाने की अपील की है. जिला कांग्रेस सचिव अजय कुमार साहू ने कहा कि सुबोधकांत सहाय का लंबा राजनीतिक अनुभव, संगठन पर मजबूत पकड़ और राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान झारखंड के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. उन्होंने कहा कि सहाय हमेशा जनसरोकारों के मुद्दों को मुखरता से उठाते रहे हैं और पार्टी संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है.
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कांग्रेस को ऐसे अनुभवी नेताओं की जरूरत है, जो राज्य और संगठन दोनों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी आवाज दे सकें. अजय साहू ने यह भी कहा कि राज्यसभा में झारखंड का प्रतिनिधित्व केवल राजनीतिक संतुलन का विषय नहीं, बल्कि राज्य के मुद्दों को मजबूती से उठाने का भी सवाल है.
गौरतलब है कि सुबोधकांत सहाय वर्ष 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में रांची सीट से चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि दोनों बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. वहीं वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में उनकी पुत्री यशश्विनी सहाय को कांग्रेस ने रांची लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन वे भी जीत दर्ज नहीं कर सकीं.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कांग्रेस अनुभवी नेताओं को राज्यसभा भेजने का फैसला करती है, तो इससे संगठनात्मक संतुलन के साथ- साथ पार्टी कार्यकर्ताओं में भी सकारात्मक संदेश जाएगा. वहीं राज्यसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन के भीतर संभावित नामों पर चर्चाओं ने राजनीतिक हलकों में हलचल और बढ़ा दी है.
Report By Rasbihari Mandal

