सरायकेला: भारतीय रिजर्व बैंक, पटना की ओर से इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग और भारतीय मुद्रा प्रणाली को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को चांडिल में किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को डिजिटल बैंकिंग, सुरक्षित लेनदेन, साइबर सुरक्षा और भारतीय मुद्रा प्रणाली से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराना था.


कार्यक्रम का उद्घाटन भारतीय रिजर्व बैंक, पटना के क्षेत्रीय निदेशक सुजीत कुमार अरविंद ने किया. इस अवसर पर आरबीआई पटना के उप महाप्रबंधक संजीव कुमार, सहायक महाप्रबंधक प्रिया प्रकाश, सहायक महाप्रबंधक श्री भरत कुमार चौधरी, एलडीएम सरायकेला- खरसावां सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय निदेशक सुजीत कुमार अरविंद ने स्वयं सहायता समूहों को ग्रामीण वित्तीय समावेशन का महत्वपूर्ण आधार बताया. उन्होंने कहा कि महिलाओं को बैंकिंग, बचत और डिजिटल उपकरणों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्हें वित्तीय जागरूकता और डिजिटल सुरक्षा की जानकारी देना जरूरी है.

उन्होंने साइबर धोखाधड़ी से बचाव को लेकर प्रतिभागियों को विशेष रूप से जागरूक किया. उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, पिन, बैंकिंग पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए. साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं, इसलिए डिजिटल लेनदेन के दौरान विशेष सतर्कता जरूरी है.
कार्यक्रम के दौरान आरबीआई के अधिकारियों ने इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग और भारतीय मुद्रा प्रणाली से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रतिभागियों को जानकारी दी. एनईएफटी, आरटीजीएस, आईएमपीएस और यूपीआई जैसी डिजिटल भुगतान प्रणालियों के उपयोग, सावधानियों और सुरक्षित लेनदेन के बारे में विस्तार से बताया गया. साथ ही बिजली बिल सहित विभिन्न प्रकार के भुगतान के लिए यूपीआई के इस्तेमाल के व्यावहारिक उदाहरण भी दिए गए.
प्रतिभागियों को धोखाधड़ी के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई. अधिकारियों ने नकली नोटों की पहचान और उनसे संबंधित सावधानियों पर भी चर्चा की. इसके अलावा आरबीआई रिटेल डायरेक्ट योजना के बारे में बताया गया, जिसके माध्यम से सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश किया जा सकता है.
प्रशिक्षण कार्यक्रम के बाद एक प्रश्नोत्तरी सत्र का आयोजन किया गया. इसमें प्रतिभागियों ने डिजिटल बैंकिंग और अन्य विषयों से संबंधित सवाल पूछे, जिनका आरबीआई के प्रतिनिधियों ने जवाब दिया.
कार्यक्रम के माध्यम से आरबीआई ने वित्तीय साक्षरता, सुरक्षित डिजिटल लेनदेन और ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने का संदेश दिया. प्रतिभागियों ने भी डिजिटल बैंकिंग और सुरक्षित वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी को उपयोगी बताया.

