सरायकेला/ Pramod Singh एसटी सूची में कुड़मी जाति को शामिल करने, सरना धर्म कोड लागू करने और कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर 20 सितंबर से मुंडाटांड़ रेलवे लाइन पर रेल टेका डहर छेका आंदोलन कर रहे आदिवासी कुड़मी समाज ने 21 सितंबर की सुबह आंदोलन समाप्त कर दिया. केंद्रीय नेतृत्व के आश्वासन के बाद समाज के नेताओं ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की.

आंदोलन के कारण कई ट्रेनें प्रभावित हुईं और कुछ ट्रेनों को रेलवे प्रशासन को रूट डायवर्ट कर चलाना पड़ा. शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे कुछ कुड़मी नेताओं ने जिला प्रशासन को आंदोलन स्थगित करने का लिखित पत्र सौंपा था. इसकी जानकारी मिलने पर कुछ कुड़मी नेता उग्र हो गए और स्थगन को मानने से इंकार करते हुए ट्रैक पर ही बैठे रहे. उनका कहना था कि जब आंदोलन अनिश्चितकालीन है तो किस आधार पर स्थगित हुआ. कई महिला और पुरुष रातभर ट्रैक पर डटे रहे.
आंदोलन समाप्त करने के बाद आंदोलन में शामिल कुड़मी नेताओं ने सरायकेला प्रखंड उप प्रमुख वासुदेव महतो और झामुमो नेता प्रकाश महतो पर समाज को अंधेरे में रखकर लिखित देने का आरोप लगाते हुए उन्हें घेर लिया और कई घंटों तक बंधक बनाए रखा. इस संबंध में थाना प्रभारी विनय कुमार ने बताया कि यह समाज के भीतर की बातचीत थी और घेराव की औपचारिक जानकारी पुलिस के पास नहीं है.

