चांडिल: सरायकेला- खरसावां जिले के कपाली नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत हांसाडुगरी स्थित परवेज जनरल स्टोर से अलीनगर, रामू चौक होते हुए TOP चौक जाने वाली मुख्य सड़क इन दिनों जलजमाव के कारण तालाब में तब्दील हो गई है. सड़क पर लंबे समय से पानी जमा रहने के कारण लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है. बारिश होते ही स्थिति और गंभीर हो जाती है, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार अब तक समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है.


इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग, मजदूर, दुकानदार और नौकरी-पेशा लोग गुजरते हैं. सड़क पर पानी जमा होने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. कई स्थानों पर पानी इतना अधिक है कि लोगों को कपड़े और सामान बचाते हुए गुजरना पड़ रहा है.
स्कूली बच्चों के लिए बढ़ा खतरा
सबसे अधिक परेशानी सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को हो रही है. यूनिफॉर्म पहनकर स्कूल जाने वाले बच्चों को गंदे पानी के बीच से गुजरना पड़ता है. अभिभावकों को आशंका है कि पानी के नीचे छिपे गड्ढों के कारण बच्चे फिसल सकते हैं. इसी तरह बुजुर्गों और महिलाओं के लिए भी इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा हो गया है.
दोपहिया वाहन चालकों के सामने अलग समस्या है. पानी के नीचे सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण वाहन अचानक गड्ढे में उतर जाते हैं, जिससे संतुलन बिगड़ने और दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है.
जल निकासी नहीं, सड़क भी हो रही बदहाल
स्थानीय लोगों के अनुसार समस्या की बड़ी वजह पानी की समुचित निकासी नहीं होना है. बारिश का पानी सड़क पर जमा होने के बाद लंबे समय तक नहीं निकलता. लगातार जलजमाव से सड़क भी क्षतिग्रस्त होती जा रही है. आसपास के दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को गंदे पानी से उठने वाली दुर्गंध से भी परेशानी हो रही है. लंबे समय तक पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है.
सवाल वही- आखिर सुध लेने वाला कौन ?
क्षेत्रवासियों ने कपाली नगर परिषद और संबंधित अधिकारियों से मौके का निरीक्षण कर तत्काल पानी की निकासी कराने की मांग की है. साथ ही जलजमाव के स्थायी समाधान और क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत की मांग उठाई है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि हांसाडुगरी से अलीनगर, रामू चौक होते हुए TOP चौक तक जाने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग है. इसके बावजूद सड़क की बदहाली और जलजमाव की समस्या बनी हुई है. अब लोगों का सवाल है कि आखिर इस मुख्य सड़क की सुध कौन लेगा और स्थायी समाधान कब होगा ?
रिपोर्ट: अफ़रोज़ मल्लिक

