जमशेदपुर: प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के खिलाफ झारखंड में चल रहे अभियान के बीच कोलकाता में तीन प्रमुख माओवादी नेताओं के आत्मसमर्पण ने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान खींचा है. आत्मसमर्पण करने वालों में रीजनल कमिटी सदस्य रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन, जोनल कमिटी सदस्य मीता उर्फ नयनतारा और सबजोनल कमिटी सदस्य गौरी उर्फ बुल्लू उर्फ जोबा शामिल हैं. उपलब्ध पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार तीनों के खिलाफ झारखंड के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हत्या, मुठभेड़, सुरक्षा बलों पर हमला और IED विस्फोट समेत कई गंभीर मामले दर्ज हैं.


सचिन पर 15 लाख का इनाम, दर्ज हैं 44 मामले
जमशेदपुर के पटमदा क्षेत्र के झुझका निवासी रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन माओवादी संगठन में रीजनल कमिटी सदस्य के रूप में सक्रिय था. झारखंड सरकार ने उस पर 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसके खिलाफ कुल 44 मामले दर्ज हैं.
सचिन से जुड़े मामलों में मार्च 2026 में चाईबासा के मनोहरपुर, छोटानागरा और जराईकेला सीमा क्षेत्र के जंगलों में हुई मुठभेड़ भी शामिल बताई गई है. इस दौरान कोबरा जवान विक्रम यादव घायल हुए थे. इसके बाद हुए IED विस्फोट में कोबरा के सहायक समादेष्टा अजय मल्लिक और हवलदार संजय कुमार घायल हुए थे.
सितंबर 2024 में जराईकेला के तिरिलपोसी जंगल में अभियान के दौरान हुए IED विस्फोट में कोबरा की BDS टीम के जवान आर. सुगुमार घायल हुए थे. वहीं जनवरी 2023 में टोंटो थाना क्षेत्र के तुम्बाहाका जंगल में मुठभेड़ और IED विस्फोट में कोबरा के नौ जवानों के घायल होने के मामले में भी सचिन का नाम पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज बताया गया है.
सचिन की पत्नी मीता पर 19 मामले, 10 लाख का था इनाम
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया क्षेत्र की रहने वाली मीता उर्फ नयनतारा माओवादी संगठन में जोनल कमिटी सदस्य थी. वह रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन की पत्नी बताई गई है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक मीता के खिलाफ 19 मामले दर्ज हैं और उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था.
मीता का नाम सितंबर 2024 के तिरिलपोसी IED विस्फोट और जनवरी 2023 के तुम्बाहाका जंगल में हुए हमले से जुड़े मामलों में सामने आया है. इसके अलावा एमजीएम, घाटशिला, बोड़ाम, कुचाई और जराईकेला थाना क्षेत्रों में दर्ज कई मामलों में भी उसकी कथित संलिप्तता का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड में है.
गौरी के खिलाफ 18 मामले, सारंडा क्षेत्र में रही सक्रिय
पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम क्षेत्र की रहने वाली गौरी उर्फ बुल्लू उर्फ जोबा माओवादी संगठन में सबजोनल कमिटी सदस्य रही है. वह माओवादी मदन महतो उर्फ चरण की पत्नी बताई जाती है. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक गौरी के खिलाफ कुल 18 मामले दर्ज हैं.
नवंबर 2025 में चाईबासा के छोटानागरा थाना क्षेत्र के कुलापुबुरू सारंडा वन क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद बड़ी मात्रा में हथियार, कारतूस, IED और अन्य सामान बरामद किया गया था. इसी अवधि में बलिबा और बाबुडेरा के बीच हुए IED विस्फोट में कोबरा का प्रशिक्षित डॉग मारा गया था और एक जवान घायल हुआ था.
अक्टूबर 2025 में जराईकेला के समठा वन क्षेत्र में हुए IED विस्फोट में CRPF इंस्पेक्टर कौशल कुमार मिश्रा घायल हुए थे. इसके बाद तलाशी अभियान के दौरान हुए एक अन्य विस्फोट में एसआई रामचंद्र गोगई घायल हुए, जबकि हेड कांस्टेबल महेंद्र लश्कर की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इन घटनाओं से जुड़े मामलों में भी गौरी का नाम पुलिस रिकॉर्ड में बताया गया है.
सारंडा में सुरक्षा बलों के लिए बने रहे बड़ी चुनौती
तीनों माओवादियों से जुड़े मामलों में IED विस्फोट और सुरक्षा बलों को निशाना बनाए जाने की कई घटनाओं का उल्लेख मिलता है. पश्चिमी सिंहभूम का सारंडा और उससे सटा जंगल क्षेत्र लंबे समय से माओवादी गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील रहा है.
ऐसे में सचिन, मीता और गौरी का आत्मसमर्पण माओवादी संगठन के खिलाफ चल रहे अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. तीनों से पूछताछ के जरिए सुरक्षा एजेंसियों को संगठन के मौजूदा नेटवर्क, सक्रिय सदस्यों, ठिकानों और अन्य गतिविधियों से संबंधित जानकारी मिलने की संभावना है.

