सरायकेला: झारखंड के परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ गुरुवार को सरायकेला पहुंचे. यहां उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ-साथ जिले के अधिकारियों से भी मुलाकात की. मंत्री ने इसे अनौपचारिक बैठक बताते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संगठन से जुड़े विषयों पर बातचीत हुई है.


इस दौरान जिले में लगातार हो रहे सड़क हादसों और सड़क सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर परिवहन मंत्री ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है. इसमें पुलिस- प्रशासन, आम नागरिक और उद्योगों समेत सभी की जिम्मेदारी है.
*‘सड़क पर पार्किंग गलत, इसका समाधान जरूरी’*
सड़कों के किनारे भारी वाहनों की पार्किंग को लेकर मंत्री ने कहा कि सड़क पर वाहनों की पार्किंग गलत है. इस समस्या को लेकर विभागीय स्तर पर गंभीरता से काम किया जा रहा है और प्रशासन तथा उद्योग जगत के साथ समन्वय कर समाधान निकालने का प्रयास हो रहा है.
सरायकेला- खरसावां के औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग का मामला झारखंड हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है. हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को अनधिकृत सड़क पार्किंग रोकने और भारी वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग व्यवस्था विकसित करने समेत कई निर्देश दिए हैं.
*सरायकेला- कांड्रा- चौका- चांडिल सड़क पर बोले- वाकई स्थिति खराब*
मंत्री दीपक बिरुआ से चाईबासा से सरायकेला, कांड्रा होते हुए चौका तक की सड़कों की स्थिति पर सवाल किया गया तो उन्होंने माना कि सड़क की स्थिति खराब हो चुकी है. उन्होंने कहा कि इसके लिए JRDCL की भूमिका तय होनी चाहिए.
हालांकि जब उनसे पूछा गया कि JRDCL द्वारा सरकार पर बकाया राशि होने का हवाला देकर सड़क की मरम्मत नहीं कराए जाने की बात सामने आ रही है तो मंत्री की ओर से इस पर कोई विस्तृत जवाब नहीं दिया गया.
*राजनगर सड़क पर कहा- काफी दिनों से उस मार्ग पर गया नहीं*
राजनगर क्षेत्र की सड़क की बदहाली को लेकर पूछे गए सवाल पर परिवहन मंत्री ने कहा कि वह काफी दिनों से उस मार्ग पर नहीं गए हैं, इसलिए वर्तमान स्थिति की जानकारी उन्हें नहीं है.
सड़क दुर्घटनाओं को लेकर मंत्री ने चिंता जताई और सड़क सुरक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी बताया. हालांकि जिले में लगातार हो रहे हादसों को कम करने, खराब सड़कों की समयबद्ध मरम्मत और सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग समाप्त करने के लिए परिवहन विभाग की ठोस समयसीमा क्या होगी, इस सवाल का स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया.
प्रमोद सिंह (संपादक)

