सरायकेला: सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर सोमवार को सरायकेला में महत्वपूर्ण बैठक हुई. झारखंड हाईकोर्ट के निर्देश के आलोक में राज्य के उद्योग सचिव अरवा राजकमल सरायकेला पहुंचे और जिला प्रशासन के अधिकारियों तथा विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ सड़क सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं पर मंथन किया.


बैठक में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. विशेष रूप से औद्योगिक प्रतिष्ठानों के बाहर सड़कों पर भारी वाहनों की पार्किंग, दुर्घटनाओं की रोकथाम और हादसे के बाद घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर चर्चा हुई.
चालियामा में रुंगटा प्लांट के बाहर ट्रकों के जमावड़े से जुड़ा है मामला
मामला सरायकेला-खरसावां जिले के चालियामा स्थित रुंगटा स्टील प्लांट के बाहर सड़कों पर ट्रकों के जमावड़े से संबंधित जनहित याचिका से जुड़ा है. याचिका में प्लांट के बाहर बड़ी संख्या में ट्रकों के खड़े रहने से सामान्य यातायात प्रभावित होने और सड़क दुर्घटना की आशंका का मुद्दा उठाया गया था.
झारखंड हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान उद्योग के बाहर वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था के साथ दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता का मुद्दा भी सामने आया था.
सड़क किनारे उद्योगों को दिखानी होगी गंभीरता : अरवा राजकमल
बैठक के बाद उद्योग सचिव अरवा राजकमल ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है और राज्य सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है. सड़क किनारे स्थापित औद्योगिक प्रतिष्ठानों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी.
उन्होंने कहा कि दुर्घटना होने की स्थिति में सबसे पहली प्राथमिकता घायल व्यक्ति की जान बचाना होनी चाहिए. इसके लिए औद्योगिक प्रतिष्ठानों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा और ट्रामा केयर व्यवस्था विकसित करने की दिशा में पहल करनी होगी.
सड़क पर खड़े भारी वाहनों की व्यवस्था में करना होगा सुधार
बैठक में सड़क किनारे अनियंत्रित तरीके से खड़े होने वाले भारी वाहनों को लेकर भी चर्चा हुई. खास तौर पर औद्योगिक क्षेत्रों में मालवाहक वाहनों के लिए ऐसी पार्किंग व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया, जिससे मुख्य सड़क पर यातायात बाधित न हो और दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सके.
उद्योग सचिव ने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देश के आलोक में अलग-अलग जिलों में प्रशासन और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जा रही है. इसका उद्देश्य स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार ठोस कार्ययोजना तैयार करना है.
चालियामा में ट्रामा सेंटर खोलने पर मंथन
बैठक का एक महत्वपूर्ण बिंदु चालियामा क्षेत्र में ट्रामा सेंटर की स्थापना भी रहा. औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण यहां बड़ी संख्या में भारी वाहनों का परिचालन होता है. दुर्घटना होने पर घायलों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ट्रामा सेंटर की संभावना पर प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच विचार-विमर्श किया गया.
अरवा राजकमल ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के साथ हादसे के बाद त्वरित चिकित्सा सहायता की व्यवस्था भी जरूरी है. प्रशासन और औद्योगिक प्रतिष्ठानों को मिलकर ऐसी व्यवस्था विकसित करनी होगी जिससे दुर्घटना होने पर घायल को तत्काल उपचार मिल सके.
उन्होंने बताया कि बैठक और विभिन्न स्तरों पर की जा रही कार्रवाई के आधार पर सरकार की ओर से झारखंड हाईकोर्ट के समक्ष आवश्यक शपथ पत्र प्रस्तुत किया जाएगा. अब प्रशासन के सामने मुख्य चुनौती बैठक में सामने आए सुझावों को धरातल पर उतारने की होगी. खासकर चालियामा सहित जिले के औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क किनारे भारी वाहनों की पार्किंग व्यवस्था और त्वरित चिकित्सा सुविधा विकसित होने से सड़क सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण सुधार की उम्मीद की जा रही है.

