जामताड़ा: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक विरोध के बीच बुधवार को जामताड़ा में कांग्रेस एवं इंडिया गठबंधन के नेताओं ने आंदोलन को और व्यापक बनाने की रणनीति तैयार की. स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के आवास पर आयोजित महाबैठक में गठबंधन के विभिन्न दलों के नेता एवं कार्यकर्ता जुटे और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करायीं.


बैठक के दौरान नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. इस दौरान ‘मुख्य चुनाव आयुक्त इस्तीफा दो’, ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ और ‘SIR प्रक्रिया देशभर में बंद करो’ जैसे नारे भी लगाए गए. नेताओं ने बिहार, असम और पश्चिम बंगाल में हाल में हुई चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए और इन राज्यों में चुनाव रद्द करने की मांग रखी.
मतदाता अधिकार प्रभावित होने की जतायी आशंका
बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया से आम मतदाताओं के अधिकार प्रभावित होने की आशंका है. उनका कहना था कि मतदाता सूची से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ सभी राजनीतिक दलों की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए. नेताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदाता सूची की शुचिता और पात्र मतदाताओं के अधिकार दोनों महत्वपूर्ण हैं.
गांव और प्रखंड स्तर तक आंदोलन ले जाने पर जोर
इंडिया गठबंधन के नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहे विरोध को अब स्थानीय स्तर पर भी व्यापक किया जाएगा. बैठक में कार्यकर्ताओं को संगठित करने तथा आंदोलन को गांव और प्रखंड स्तर तक ले जाने को लेकर चर्चा हुई. नेताओं ने संयुक्त रूप से लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की बात कही.बैठक में कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपिका बेसरा, कार्यकारी जिलाध्यक्ष विजय दुबे, प्रदेश कांग्रेस सचिव प्रभु मंडल, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष सह प्रवक्ता इरशादुल हक अरसी, निशापति हांसदा, राजद जिलाध्यक्ष दिनेश यादव, सीपीएम के कामरेड सूचित माझी, चंडी दास पुरी समेत इंडिया गठबंधन के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद थे.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

