चांडिल: दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी के मकलूकोचा में बुधवार को इंसान और वन्यजीव के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली. वन्य प्राणी सप्ताह के समापन के अवसर पर मादा हाथी रजनी का 21वां और नन्हे हाथी बादल का पहला जन्मदिन उत्साह के साथ मनाया गया. वन विभाग की ओर से दोनों हाथियों के जन्मदिन को लेकर विशेष तैयारी की गई थी.


रजनी और बादल के लिए केक तैयार किया गया. दोनों हाथियों ने केक खाकर अपने जन्मदिन के जश्न में हिस्सा लिया. इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद बच्चों के बीच मिठाइयां बांटी गईं. मुख्य अतिथि के रूप में ईचागढ़ विधायक सविता महतो कार्यक्रम में शामिल हुईं.
21 साल पहले घायल मिली थी रजनी
करीब 21 वर्ष पहले रजनी चांडिल क्षेत्र में घायल अवस्था में मिली थी. वन विभाग की टीम ने उसे रेस्क्यू कर संरक्षण दिया था. इसके बाद से प्रत्येक वर्ष 7 अक्टूबर को मकलूकोचा में रजनी का जन्मदिन मनाने की परंपरा चली आ रही है.

इस बार जश्न खास था, क्योंकि रजनी के साथ नन्हा बादल भी शामिल हो गया. बादल को पिछले वर्ष हाट गम्हरिया क्षेत्र से घायल अवस्था में रेस्क्यू किया गया था. मकलूकोचा आने के बाद बेहद कम समय में वह पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया है.
जन्मदिन के बहाने वन्यजीव संरक्षण का संदेश
DFO सबा आलम ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल हाथियों का जन्मदिन मनाना नहीं, बल्कि लोगों को प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना भी है. उन्होंने लोगों से जंगल और वन्य प्राणियों की रक्षा का संकल्प लेने की अपील की.

विधायक सविता महतो ने भी वन विभाग की इस पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन इंसान और वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व तथा संरक्षण का संदेश देते हैं. कुल मिलाकर मकलूकोचा में रजनी और बादल का जन्मदिन महज एक उत्सव नहीं रहा. केक की मिठास के साथ यहां जंगल और इंसान के रिश्ते को सहेजने का संदेश भी गूंजा.

