जामताड़ा: आस्था जब परंपरा से जुड़ती है, तो वह केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं रहती, बल्कि समाज को संस्कार, सेवा और समर्पण का संदेश भी देती है. करमाटांड़ के हटिया प्लाट स्थित सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति का दुर्गोत्सव इसी भावना का प्रतीक है. यहां मां दुर्गा की आराधना के साथ कन्या पूजन की ऐसी परंपरा निभाई जाती है, जिसमें सैकड़ों बच्चियों के सम्मान और सत्कार के माध्यम से नारी शक्ति के प्रति श्रद्धा प्रकट की जाती है. विजयादशमी के दिन आयोजित होने वाले इस विशेष अनुष्ठान में 500 से अधिक कुंवारी कन्याएं शामिल होती हैं. उनके स्वागत, भोजन और श्रृंगार सामग्री की व्यवस्था श्रद्धालु सामूहिक सहयोग से करते हैं.


सात लोगों के प्रयास से शुरू हुई थी पूजा की परंपरा
हटिया प्लाट में सार्वजनिक दुर्गा पूजा की शुरुआत वर्ष 1954 में स्व. विशन साहू, स्व. चिरंजी लाल जायसवाल, स्व. गुलाब साह,स्व विरु साव, स्व. वासू साव, स्व हनुमान साव और स्व. काली सौनार के प्रयासों से हुई थी. इन लोगों ने जिस धार्मिक परंपरा की नींव रखी, वह आज भी स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई है. करीब चार दशक पहले यहां मंदिर का निर्माण कराया गया और पूजा को व्यवस्थित स्वरूप मिला। तब से मां दुर्गा की आराधना वैष्णव पद्धति से की जाती है. वर्षों के दौरान पूजा समिति ने इस परंपरा को सहेजते हुए इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया है.
कन्या पूजन में दिखती है श्रद्धा, सेवा और समर्पण की भावना
इस दुर्गोत्सव की सबसे खास पहचान विजयादशमी के दिन होने वाला भव्य कन्या पूजन है. इस दिन 500 से अधिक कुंवारी कन्याओं को आमंत्रित कर श्रद्धापूर्वक पूजन किया जाता है. उनके लिए भोजन की व्यवस्था की जाती है और श्रृंगार सामग्री भेंट की जाती है. इस आयोजन में श्रद्धालु अपनी सामर्थ्य के अनुसार खाद्य सामग्री और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराते हैं. सामूहिक सहयोग से संपन्न होने वाला यह अनुष्ठान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सहभागिता की मिसाल भी पेश करता है.
कन्या पूजन के दौरान बच्चियों के चेहरे पर दिखने वाली खुशी और श्रद्धालुओं के मन में सेवा का भाव इस आयोजन को विशेष बनाता है. मां दुर्गा के प्रति भक्ति प्रकट करने के साथ यह परंपरा कन्याओं के सम्मान और उनके महत्व को भी रेखांकित करती है. समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं के सहयोग से वर्षों से निभाई जा रही यह परंपरा क्षेत्र की धार्मिक-सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है.
आयोजन में सक्रिय भूमिका निभा रहे मितेश साह
कन्या पूजन की तैयारियों और आयोजन को सफल बनाने में भाजपा युवा नेता एवं स्थानीय समाजसेवी मितेश साह सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. उनके साथ समिति के पदाधिकारी, सदस्य और स्थानीय लोग भी आयोजन को बेहतर बनाने में जुटे रहते हैं. वर्तमान में समिति के अध्यक्ष उत्तम साह, सचिव संतोष मंडल, कोषाध्यक्ष नीरज साव और उपाध्यक्ष विनोद साह सहित बाबू मनी मंडल एवं अन्य सदस्य दुर्गा पूजा के संचालन में योगदान दे रहे हैं.
हटिया प्लाट का यह दुर्गोत्सव बताता है कि धार्मिक आयोजन की वास्तविक सुंदरता केवल सजावट और भव्यता में नहीं, बल्कि उन परंपराओं में भी होती है, जो लोगों को सेवा, सहयोग और सम्मान के सूत्र में बांधती हैं. वर्ष 1954 में शुरू हुई मां दुर्गा की आराधना आज भी उसी आस्था के साथ आगे बढ़ रही है और कन्या पूजन के माध्यम से समाज में श्रद्धा, संस्कार तथा सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश दे रही है.
रिपोर्ट: मनीष बरनवाल

