जामताड़ा: जिले के प्रतिभावान विद्यार्थियों को आईआईटी-जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब बेहतर मार्गदर्शन और विशेषज्ञ शिक्षकों की सुविधा जिले में ही उपलब्ध कराई जा रही है. जिला प्रशासन की अभिनव पहल ‘प्रोजेक्ट प्रज्ञान’ के तहत जेबीसी जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, जामताड़ा में संचालित निःशुल्क ऑफलाइन कक्षाओं का बुधवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार ने निरीक्षण किया.


निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कक्षा संचालन स्थल पर विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध डेस्क-बेंच समेत अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया. उन्होंने संबंधित शिक्षकों से कक्षाओं के नियमित एवं सुचारू संचालन की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
बच्चों से जाना पढ़ाई का हाल
उपायुक्त ने चयनित छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद कर विशेषज्ञ एवं अनुभवी शिक्षकों द्वारा कराई जा रही तैयारी के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने विद्यार्थियों से विषयों की समझ और पढ़ाई के दौरान आ रही कठिनाइयों के बारे में भी जानकारी ली.
उन्होंने कहा कि जिस कॉन्सेप्ट को समझने में परेशानी हो, उसे लेकर शिक्षक से निःसंकोच सवाल करें. लक्ष्य को केंद्रित रखते हुए नियमित रूप से मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई करें. उन्होंने विद्यार्थियों को बेहतर प्रदर्शन कर अपने परिवार के साथ-साथ जिले और राज्य का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया.
संसाधनों के अभाव में प्रतिभा नहीं रुकेगी : डीसी
उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि जामताड़ा के प्रतिभावान विद्यार्थियों को अपने ही जिले में प्रतिष्ठित संस्थानों के विषय विशेषज्ञ शिक्षकों से निःशुल्क तैयारी, उचित मार्गदर्शन और आगे बढ़ने का अवसर मिले, यही प्रोजेक्ट प्रज्ञान का उद्देश्य है. संसाधनों के अभाव में किसी विद्यार्थी की प्रतिभा सीमित न रह जाए, इसके लिए जिला प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में जामताड़ा के विद्यार्थी भी आईआईटी-जेईई और नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल कर अपने सपनों को साकार करेंगे.
28 सितंबर से चल रही हैं कक्षाएं
गौरतलब है कि डीसी की पहल पर डीएमएफटी योजना के तहत प्रोजेक्ट प्रज्ञान संचालित किया जा रहा है. इसके अंतर्गत आईआईटी-जेईई एवं नीट की तैयारी के लिए 28 सितंबर 2026 से प्रत्येक कार्यदिवस शाम चार बजे से छह बजे तक जेबीसी जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय में ऑफलाइन कक्षाएं चल रही हैं. इसमें चयनित विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

