जामताड़ा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा की ओर से न्याय रथ के माध्यम से बुधुडीह गांव में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूर-दराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, विधिक सेवाओं और निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी उपलब्ध कराना रहा.


कार्यक्रम में एल ए डी सी डिप्टी चीफ उत्तम कुमार ने ग्रामीणों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों, उनके अधिकारों तथा विधिक सेवा योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी.उन्होंने NALSA ASHA Scheme, 2025, Legal Services to Road Accident Victims Scheme, 2024, NALSA DAWN, 2025 एवं SAMVAD Scheme के उद्देश्यों और इनके माध्यम से मिलने वाली सहायता के बारे में ग्रामीणों को बताया.
उत्तम कुमार ने विशेष रूप से सड़क दुर्घटना के पीड़ितों एवं उनके परिजनों के लिए उपलब्ध विधिक सहायता की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पात्र लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध करायी जाती है. इसके लिए जरूरतमंद व्यक्ति विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर अपनी समस्या के समाधान के लिए सहायता प्राप्त कर सकते हैं. उन्होंने ग्रामीणों से अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या उत्पन्न होने पर बिना झिझक विधिक सेवा प्राधिकार की मदद लेने की अपील की.
पीएलभी ने भी ग्रामीणों को किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान पीएलभी शिवनाथ मंडल, आर्यन अंसारी, सुमन टुडू एवं आनंद महतो ने भी ग्रामीणों को विभिन्न विधिक सेवाओं एवं संबंधित योजनाओं की जानकारी दी. पीएलभी ने ग्रामीणों को निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया, कानूनी अधिकारों तथा जरूरतमंद लोगों के लिए उपलब्ध सहायता के संबंध में जागरूक किया. न्याय रथ के माध्यम से गांव तक पहुंचकर आयोजित किए गए इस कार्यक्रम से ग्रामीणों को कानून एवं न्याय व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सीधे उपलब्ध हुईं. कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि आर्थिक अथवा सामाजिक परिस्थितियों के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय और विधिक सहायता से वंचित नहीं रहे.
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे. ग्रामीणों ने विभिन्न विधिक योजनाओं एवं निःशुल्क कानूनी सहायता से संबंधित जानकारी प्राप्त की. कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने, नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति सजग करने तथा जरूरतमंद लोगों तक विधिक सहायता की पहुंच सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

