जमशेदपुर: रोटरैक्ट क्लब ऑफ जमशेदपुर सेवार्थ की ओर से चलाए जा रहे विशेष सेवा अभियान ‘कृतज्ञताबन्धनम्’ के प्रथम चरण में सोमवार को विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल, जमशेदपुर में राखी निर्माण प्रतियोगिता आयोजित की गई. सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक चली प्रतियोगिता में कक्षा पांचवीं से दसवीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया.


राखी को समाजसेवा और कृतज्ञता से जोड़ने की पहल.
अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी, सम्मान और कृतज्ञता की भावना विकसित करना है. विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई राखियां समाज की सुरक्षा और सेवा में जुटे पुलिसकर्मियों, चिकित्सकों, नर्सों, अग्निशमन कर्मियों,सफाईकर्मियों और अन्य सेवा कर्मियों को समर्पित की जाएंगी.
क्लब की ओर से कहा गया कि राखी केवल भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा का प्रतीक नहीं है, बल्कि समाज की सेवा में दिन-रात जुटे लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का माध्यम भी बन सकती है.
इन विद्यार्थियों ने हासिल किया स्थान.
कक्षा पांचवीं में एलिजा जावेद ने प्रथम, सिदरा परवीन ने द्वितीय और फरजीन अरशद ने तृतीय स्थान हासिल किया.
कक्षा छठी में तैबा जहां प्रथम, आफिया रजा द्वितीय और मोहम्मद अहिल अली तृतीय रहे.
कक्षा सातवीं में अल्बर्ट पूर्ति ने प्रथम, शिफा हयात ने द्वितीय और खुशबू कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया.
कक्षा आठवीं में शगुफा अजमी प्रथम, जन्नत सबा द्वितीय और अफशीन एहसान तृतीय स्थान पर रहीं.
प्रतियोगिता के विजेताओं को रोटरैक्ट क्लब की ओर से पदक और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया. प्रतियोगिता में शामिल सभी विद्यार्थियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र देकर उनके प्रयासों को प्रोत्साहित किया गया.
विद्यालय प्रबंधन ने किया सहयोग.
कार्यक्रम को सफल बनाने में विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य, शिक्षकों और कर्मचारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों को प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया.
कार्यक्रम का नेतृत्व क्लब अध्यक्ष कुमार तेजस्वी, क्लब सचिव प्रिया पाठक तथा कार्यक्रम संयोजक एवं सामुदायिक सेवा निदेशक जयवर्त रघुवंशी ने किया. आयोजन को सफल बनाने में चिन्मय दास, अभिषेक शेरपा, नितेश श्रीवास्तव, शाहिस्ता परवीन और स्वयंसेवक मुस्कान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
‘कृतज्ञताबन्धनम्’ अभियान के माध्यम से क्लब ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि राखी का धागा केवल पारिवारिक रिश्तों को ही नहीं, बल्कि सम्मान, सेवा और इंसानियत को भी जोड़ सकता है.
रक्त से नहीं, कृतज्ञता से बंधा रिश्ता ही इस अभियान की सबसे बड़ी पहचान है.
संपादक: प्रमोद सिंह

