जमशेदपुर: अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर झारखंड मानव अधिकार संघ, जमशेदपुर और नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय परिसर में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई. “मानवाधिकार के संरक्षण में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की सार्थकता एवं भूमिका” विषय पर आयोजित इस सेमिनार की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष मनोज किशोर ने की.

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दुमका के सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मृत्युंजय महतो, विशिष्ट अतिथि एवं मुख्य वक्ता कुलपति प्रोफेसर प्रभात कुमार पाणी, तथा पूर्व आईएएस और पूर्व कोल्हान आयुक्त बृजमोहन कुमार मौजूद रहे. इसके अलावा सांसद प्रतिनिधि मनोज कुमार सिंह, अवधेश कुमार गिरी और दिनेश कुमार किनू सहित कई सम्मानित वक्ता भी शामिल हुए.
सार्वभौम मानवाधिकार घोषणा को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 10 दिसंबर 1948 को अपनाया था और तब से यह दिवस वैश्विक स्तर पर मनाया जा रहा है. कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक दल के पारंपरिक झारखंडी वेशभूषा में स्वागत नृत्य से हुई. इसके पश्चात मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ किया. सांस्कृतिक दल की छात्राओं ने गणेश वंदना, साईं भजन और राष्ट्रगान प्रस्तुत किया.
स्वागत भाषण असिस्टेंट प्रोफेसर दीपिका कुमारी ने दिया. इसके बाद संघ के अध्यक्ष मनोज किशोर ने संघ की पृष्ठभूमि, कार्यों और सेमिनार के उद्देश्य पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों में मानव सेवा एवं मानवाधिकार को लेकर जागरूकता और संवेदनशीलता विकसित करना है.
मुख्य अतिथि मृत्युंजय महतो ने मानवाधिकार से संबंधित भारतीय कानून, अधिकारों और कर्तव्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान और विभिन्न कानून आम नागरिकों के संरक्षण के लिए पर्याप्त हैं, बस इनके ईमानदार अनुपालन की आवश्यकता है. कुलपति प्रोफेसर प्रभात कुमार पाणी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की उपलब्धियों और चुनौतियों पर अपनी बात रखी. पूर्व आईएएस बृजमोहन कुमार ने अपने प्रशासनिक अनुभव साझा करते हुए कहा कि अधिकार तभी सुरक्षित रहेंगे जब नागरिक स्वयं सजग रहकर अपनी आवाज उठाएंगे.
कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर दीपिका कुमारी ने किया और मानवाधिकार संघ के सहसचिव शेखर सहाय ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया. उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एम.एम. सिंह, कुलपति, कुलसचिव, प्रशासनिक अधिकारियों, अतिथियों, विद्यार्थियों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया.
कार्यक्रम में एमबीए, मास कम्युनिकेशन और लॉ विभाग के लगभग डेढ़ सौ विद्यार्थी तथा लगभग एक सौ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. कुल ढाई सौ प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र तथा मानवाधिकार के 30 अनुच्छेदों से युक्त वर्ष 2026 का कैलेंडर वितरित किया गया.
समारोह में प्रमुख रूप से मृत्युंजय महतो, बृजमोहन कुमार, प्रोफेसर प्रभात कुमार पाणी, अवधेश गिरी, मनोज किशोर, दिनेश कुमार किनू, डॉ. वनिता सहाय, डॉ. ऐ. अखौरी, संतोष सिंह, अमित गिरी, विक्रम सिंह, सौरव गिरी, नवीन श्रीवास्तव, शेखर कुमार सहाय, मनोज सिंह, संतोष पांडे, प्रोफेसर दीपिका पांडे, राजेंद्र यादव, भीष्म सिंह, पन्ना सिंह और संजय कुमार सिंह उपस्थित थे.

