
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के हुरलुंग पंचायत अंतर्गत मौजा लुपुगड़ीह स्थित सबर टोला में आदिम जनजाति नेता सुकलाल पहाड़िया ने ग्रामीणों के साथ बैठक कर उनकी समस्याएं सुनीं. इस दौरान सबर समाज के लोगों ने अपनी रैयती जमीनों पर कथित अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की.


ग्रामीणों का आरोप है कि बाहरी लोगों के संरक्षण में गांव के कुछ प्रभावशाली लोग उनकी पुश्तैनी जमीनों पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं. उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो सबर समाज अपनी पैतृक भूमि से वंचित हो सकता है.
सुकलाल पहाड़िया ने कहा कि आदिम जनजाति सबर समाज पहले से ही विकास की मुख्यधारा से पीछे है. ऐसे में उनकी रैयती जमीनों पर कथित कब्जे की कोशिश उनके संवैधानिक अधिकारों और अस्तित्व पर सीधा प्रहार है. उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय और समयबद्ध जांच कराने की मांग की. साथ ही दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए जमीन वास्तविक रैयतों को वापस दिलाने की अपील की.
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो ग्रामसभाओं, आदिवासी संगठनों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर जल, जंगल और जमीन की रक्षा को लेकर व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी.
बैठक में ग्रामीणों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, पेयजल, राशन, रोजगार और सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याएं भी उठाईं. सुकलाल पहाड़िया ने भरोसा दिलाया कि इन सभी मुद्दों को संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा.
बैठक में समाजसेवी गुरुचरण कर्मकार, गुरूदेव सबर, विराज सबर, गंगामुनी सबर, सावित्री सबर, संजय सबर, सुनील सबर, सुशील सबर, माधुरी सबर, छतर पहाड़िया समेत बड़ी संख्या में सबर समाज के महिला-पुरुष और ग्रामीण मौजूद रहे.





