सरायकेला: टाटा-रांची NH-33 स्थित शहरबेड़ा चांडिल गोलचक्कर के पास बनी दुकानों को खाली कराने को लेकर गुरुवार को विवाद हो गया. पूर्वजों की जमीन होने का दावा करते हुए दुकानें खाली कराने पहुंचे ग्रामीणों और दुकानदारों के बीच तीखी नोकझोंक हुई. माहौल तनावपूर्ण होने की सूचना पर चांडिल थाना पुलिस और अंचल प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति नियंत्रित की.


ग्राम सभा के फैसले का ग्रामीणों ने दिया हवाला
ग्रामीणों के मुताबिक 28 सितंबर 2026 को शहरबेड़ा में ग्राम सभा आयोजित की गई थी. इसमें रूदिया पंचायत की मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य, ग्रामीण और संबंधित दुकानदार मौजूद थे. ग्रामीणों का दावा है कि ग्राम सभा में दुकानों को खाली कराने पर सहमति बनी थी. उनका कहना है कि क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है और जमीन से जुड़े मामले में ग्राम सभा के निर्णय का पालन किया जाना चाहिए. हालांकि जमीन पर वास्तविक स्वामित्व और कब्जे से जुड़े दावों की पुष्टि राजस्व अभिलेखों एवं संबंधित कानूनी प्रावधानों की जांच के बाद ही हो सकेगी.

ग्रामीण बोले- अब बच्चों के रोजगार के लिए चाहिए जमीन
ग्रामीणों का कहना है कि जमीन उनके पूर्वजों की है और पहले रोजी-रोजगार के उद्देश्य से दुकान चलाने के लिए दी गई थी. अब परिवार के बच्चे बड़े हो गए हैं और वे इस जमीन पर उनके लिए रोजगार की व्यवस्था करना चाहते हैं. दूसरी ओर एक दुकानदार ने दावा किया कि वह करीब आठ वर्षों से बिजली बिल का भुगतान कर रहा है और उसके पास जमीन से संबंधित कागजात भी हैं.

प्रशासन ने कहा- कागजात लेकर अंचल कार्यालय आएं
विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने दोनों पक्षों से जमीन से संबंधित दस्तावेज अंचल कार्यालय में प्रस्तुत करने को कहा है. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद ही जमीन पर वैधानिक अधिकार की स्थिति स्पष्ट की जाएगी. मौके पर ग्रामीण तत्काल दुकानें खाली कराने की मांग पर अड़े रहे. काफी समझाने के बाद दुकानदारों को सात दिनों का समय दिए जाने पर सहमति बनी. इसके बाद ग्रामीण वहां से लौट गए और स्थिति सामान्य हुई.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

