चाईबासा: प्रोजेक्ट जागृति के तहत शनिवार को सोनुआ अस्पताल में एक दिवसीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जेएसएलपीएस के कर्मियों, स्कूली बच्चों और स्थानीय व्यवसायियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. इस दौरान कुल 32 यूनिट रक्त संग्रह किया गया.


शिविर के दौरान डीडीसी उत्कर्ष कुमार और सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल ने रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र और कप देकर सम्मानित किया. उन्होंने कहा कि रक्तदान महादान है. सरकारी कर्मियों द्वारा प्रस्तुत की गई यह पहल आम लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित करेगी. उन्होंने लोगों से स्वेच्छा से आगे आकर रक्तदान करने की अपील की.

स्कूली बच्चों ने दिया जागरूकता का संदेश
शिविर का मुख्य आकर्षण स्कूली बच्चों की भागीदारी रही. बच्चों ने रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाने और समाज के अन्य लोगों को भी इस पुनीत कार्य से जुड़ने का संदेश दिया. आयोजन के माध्यम से रक्तदान के महत्व और जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा में इसकी भूमिका को रेखांकित किया गया.

अधिकारियों ने बताया कि स्वस्थ व्यक्ति, जिसका हीमोग्लोबिन स्तर निर्धारित मानकों के अनुरूप हो, चिकित्सकीय जांच के बाद सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकता है. शिविर के दौरान प्रशासनिक और चिकित्सा टीम पूरी तरह मुस्तैद रही.
कई अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी रहे मौजूद
मौके पर बीडीओ सोमनाथ उरांव, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. देवी प्रसाद हांसदा, डॉ. आनंद शिंदे, सुनीता पूर्ति, क्लर्क अनीता महतो तथा जिला ब्लड बैंक की टीम से राजेंद्र कुमार भंज, आराधना खलको और निशा बारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित थे.
रिपोर्ट: जयंत प्रमाणिक

