पटना: बिहार के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रेत कलाकार मधुरेंद्र कुमार ने अपनी कला के दम पर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. जन-जागरूकता आधारित रेत कलाकृतियों के लिए उनका नाम फोर्ब्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है. इस उपलब्धि पर पटना स्थित 7, सर्कुलर रोड आवास पर आयोजित एक समारोह में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं जनता दल (यू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा राज्यसभा सदस्य नीतीश कुमार ने उन्हें स्मृति चिन्ह, मेडल एवं वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया.



सम्मान समारोह के दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि मधुरेंद्र कुमार बिहार के पहले ऐसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रेत कलाकार हैं, जिनकी कला सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सामाजिक सरोकारों के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रभावी माध्यम बनी है. उन्होंने इस उपलब्धि पर मधुरेंद्र कुमार को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं.

फोर्ब्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के अंतरराष्ट्रीय सचिव टॉम वाशिंगटन के अनुसार मधुरेंद्र कुमार ने वर्ष 2005 से 2026 के दौरान बिहार सरकार की विभिन्न यात्राओं, जिनमें न्याय यात्रा, निश्चय यात्रा, समाधान यात्रा, प्रगति यात्रा एवं समृद्धि यात्रा शामिल हैं, से जुड़े जन- जागरूकता अभियानों के लिए 100 से अधिक रेत कलाकृतियों का निर्माण किया. इसी उपलब्धि के आधार पर प्रमाणपत्र संख्या FBWR00239 के तहत उनका नाम फोर्ब्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है.
मधुरेंद्र कुमार ने बिहार के सभी 38 जिलों में जिला प्रशासन के सहयोग से मुख्यमंत्री के विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान विशाल रेत कलाकृतियों के माध्यम से सरकारी योजनाओं और सामाजिक संदेशों को आम लोगों तक पहुंचाने का कार्य किया है. उनकी कलाकृतियों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आकर्षक रेत प्रतिमाएं भी शामिल हैं, जिन्हें व्यापक सराहना मिली है.
मधुरेंद्र कुमार अब तक 5000 से अधिक सैंड स्कल्पचर एवं कोयले की राख से बनी कलाकृतियां, 4000 से अधिक पत्थर एवं धातु की मूर्तियां, 20 हजार से अधिक लीफ आर्ट, 3000 से अधिक फल एवं सब्जियों पर नक्काशी, 2000 से अधिक प्लाईवुड एवं थर्मोकोल कलाकृतियां, 500 से अधिक अनाज आधारित कलाकृतियां तथा 1000 से अधिक पुनर्चक्रण सामग्री से कलाकृतियां तैयार कर चुके हैं. इन रचनाओं के माध्यम से उन्होंने नशामुक्ति, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर भी जन-जागरूकता का संदेश दिया है.

उन्हें अब तक 100 से अधिक राष्ट्रीय पुरस्कार, 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं तथा 25 से अधिक देशों में लगभग 75 बार भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर प्राप्त हुआ है. इसके अलावा वे 12 से अधिक विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज करा चुके हैं. हाल ही में अमेरिका इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी (AIU), हॉलीवुड, कैलिफोर्निया (USA) ने उन्हें रेत कला के क्षेत्र में वैश्विक योगदान के लिए Honorary Doctor of Philosophy in Sand Art की मानद उपाधि से सम्मानित किया है.
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं जनता दल (यू) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने कहा कि मधुरेंद्र कुमार अपनी प्रतिभा से बिहार का नाम पूरी दुनिया में रोशन कर रहे हैं. वहीं बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता एमएलसी ललन कुमार सर्राफ तथा बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री श्रवण कुमार ने भी उन्हें इस उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं.





