आसनसोल: सिउड़ी के पार्टी कार्यालय में अनुव्रत मंडल के सामने हुई तोड़फोड़ और कथित बदसलूकी के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है. बुधवार को जिस घटना के बाद पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लिया था, उन्हें बाद में छोड़ दिया गया. इसकी वजह किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिलना बताया जा रहा है.


मीडिया रिपोर्टों में पुलिस सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अनुव्रत मंडल अथवा उनकी ओर से स्थानीय थाने में घटना को लेकर कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई. पुलिस की ओर से भी स्वतः संज्ञान लेकर मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है. इसके बाद हिरासत में लिए गए तीनों युवकों को रिहा कर दिया गया. अब घटना से बड़ा सवाल यही बन गया है कि पार्टी कार्यालय में हुई तोड़फोड़ के बावजूद शिकायत क्यों नहीं की गई?
आंखों के सामने टूटता रहा दफ्तर, कॉलर पकड़ने का भी आरोप
बुधवार को सिउड़ी के पुराने बस स्टैंड के पास स्थित पार्टी कार्यालय में अनुव्रत मंडल मौजूद थे. इसी दौरान तीन युवक कथित तौर पर लाठी और पेड़ की मोटी डाल लेकर कार्यालय में पहुंचे. सामने आए वीडियो और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार युवकों ने अनुव्रत मंडल के सामने ही कार्यालय के टेबल, कुर्सी और अन्य सामान में तोड़फोड़ की. एक युवक द्वारा अनुव्रत मंडल का कॉलर पकड़कर उन्हें चेतावनी देने की बात भी सामने आई है. घटना के दौरान अनुव्रत मंडल युवकों को समझाने और हाथ जोड़कर शांत करने का प्रयास करते भी दिखाई दिए.
आकाश, ऋषभ और बंटी को पुलिस ने लिया था हिरासत में
मीडिया रिपोर्टों में तीनों युवकों की पहचान आकाश देवनाथ, ऋषभ गोर और बंटी वीरवंशी के रूप में की गई है. घटना के बाद पुलिस ने तीनों को हिरासत में लिया था.
लेकिन गुरुवार को घटनाक्रम ने तब नया मोड़ लिया, जब तीनों को छोड़ दिया गया. पुलिस सूत्रों पर आधारित रिपोर्टों के अनुसार लिखित शिकायत नहीं मिलने के कारण उनके खिलाफ मामला आगे नहीं बढ़ा.
तोड़फोड़ का वीडियो सामने, फिर शिकायत क्यों नहीं ?
इस घटनाक्रम ने कई तथ्यात्मक सवाल खड़े किए हैं. यदि अनुव्रत मंडल के सामने पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ हुई और पुलिस ने मौके से तीन युवकों को हिरासत में लिया, तो पार्टी अथवा अनुव्रत की ओर से शिकायत क्यों नहीं की गई ?यह भी सवाल है कि क्या इस मामले में आगे कोई शिकायत दर्ज कराई जाएगी अथवा प्रकरण यहीं समाप्त हो जाएगा.
घटना के बाद पुलिस सुरक्षा में सिउड़ी से निकले थे अनुव्रत
बुधवार की घटना के बाद अनुव्रत मंडल पुलिस सुरक्षा के बीच सिउड़ी से निकले थे. हालांकि इस घटना के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था में कोई स्थायी बदलाव किया गया है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है.
युवकों ने लगाए थे ‘15 साल’ को लेकर आरोप
घटना के दौरान युवकों ने अनुव्रत मंडल के सामने पिछले 15 वर्षों को लेकर कई आरोप लगाए थे. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने कथित उत्पीड़न को लेकर सवाल किए. हालांकि युवकों द्वारा लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. फिलहाल इतना स्पष्ट है कि सिउड़ी के पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ हुई, तीन युवकों को हिरासत में लिया गया और लिखित शिकायत नहीं मिलने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया.
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि अनुव्रत मंडल अथवा उनकी ओर से इस घटना को लेकर आगे कोई कानूनी कदम उठाया जाता है या नहीं और पुलिस की ओर से मामले में कोई अगली कार्रवाई होती है या नहीं.

