सरायकेला: जिले में टाटा-कांड्रा मार्ग के सर्विस रोड पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई शुरू हो गई है. उपायुक्त के निर्देश पर गम्हरिया बाजार से अभियान की शुरुआत की गई, जहां दो दिनों तक चले अभियान में भारी विरोध के बावजूद प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए लगभग पूरे सर्विस रोड को खाली करा दिया.

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसकी जिम्मेदारी कौन तय करेगा. गम्हरिया अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार ने स्पष्ट कहा है कि दोबारा अतिक्रमण पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी. लोगों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि प्रशासन अपने इस दावे पर कितना कायम रहता है.
सोमवार से आदित्यपुर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू होना है, जिसे प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है. औद्योगिक क्षेत्र से लेकर खरकाई पुल तक सर्विस रोड के दोनों ओर अतिक्रमण की स्थिति गंभीर बनी हुई है. कई स्थानों पर हालात ऐसे हैं कि आपात स्थिति में एक बाइक का निकलना भी मुश्किल हो जाता है.
थाना रोड, शेर-ए-पंजाब चौक, इमली चौक, आकाशवाणी चौक और खरकाई पुल क्षेत्र में सड़क किनारे अतिक्रमण लंबे समय से बड़ी समस्या बना हुआ है. स्थानीय लोग प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्ट तो दिख रहे हैं, लेकिन उन्हें आशंका है कि कहीं यह अभियान भी आधा-अधूरा साबित न हो जाए.
लोगों का कहना है कि पिछली बार भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हुई थी, लेकिन मामला राजनीतिक रंग लेने के बाद अभियान बीच में ही ठंडे बस्ते में चला गया और फिर तेजी से दोबारा अतिक्रमण हो गया. स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि कई अतिक्रमणकारियों को विभिन्न राजनीतिक दलों का मौन समर्थन प्राप्त रहता है, जिसके कारण कार्रवाई आगे बढ़ते ही अधिकारियों पर दबाव बनने लगता है.
टाटा-कांड्रा मुख्य सड़क पर अवैध पार्किंग की समस्या को भी अतिक्रमण का बड़ा कारण माना जा रहा है. सड़क किनारे बने कई मार्केट कॉम्प्लेक्स और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है. वहीं ऑटो चालक भी सड़क किनारे वाहनों को खड़ा कर यात्री चढ़ाने-उतारने का काम करते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनती है.
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद लोजपा नेता और आदित्यपुर बाजार मास्टर मनोज पासवान ने कहा कि दिहाड़ी सब्जी विक्रेताओं के लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि रेलवे फाटक बंद होने के बाद रोजाना आने वाले सब्जी विक्रेताओं को काली मंदिर के आसपास जगह दी जाए, ताकि उनकी रोजी-रोटी भी चलती रहे और सड़क पर जाम की स्थिति भी न बने.
उन्होंने कहा कि दोपहर बाद अधिकांश विक्रेता वापस लौट जाते हैं, इसलिए इससे पेट्रोल पंप, अस्पताल, थाना, पीएचडी कार्यालय, बिजली विभाग और वन विभाग कार्यालय आने-जाने वाले लोगों को भी सहूलियत मिलेगी. साथ ही आदित्यपुर अस्पताल के दोनों ओर सड़क पर हुए अवैध अतिक्रमण को हटाने की भी मांग उठाई गई है.
कुल मिलाकर लोगों का मानना है कि अभियान की सफलता तभी मानी जाएगी जब इसे व्यापक स्तर पर लगातार चलाया जाए और भविष्य में दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की जाए.



