गम्हरिया: सरायकेला-खरसावां जिले में पर्यटन विकास की संभावनाओं को धरातल पर उतारने तथा प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार को लेकर उपायुक्त नितीश कुमार द्वारा की जा रही पहल की कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिला उपाध्यक्ष फूलकांत झा ने सराहना की है.


उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उपायुक्त का प्रयास काफी सराहनीय है. इससे जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सकेगा.
फूलकांत झा ने कहा कि पर्यटन विकास का लाभ केवल पर्यटन व्यवसाय तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सकारात्मक प्रभाव कृषि क्षेत्र पर भी पड़ेगा. पर्यटन स्थलों के आसपास आवागमन और पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय उत्पादों, सब्जियों, फल एवं अन्य कृषि उत्पादों की मांग में वृद्धि हो सकती है. वहीं, यदि ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तो किसानों को खेती में काफी सहूलियत मिलेगी और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.
उन्होंने कहा कि जिले में पर्यटन एवं कृषि विकास की अपार संभावनाएं हैं. जरूरत है इन संभावनाओं को योजनाबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने की. इस दिशा में उपायुक्त के साथ-साथ सभी संबंधित पदाधिकारियों का प्रयास प्रशंसनीय है. विकास की ऐसी पहल से सरायकेला-खरसावां जिले को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिल सकती है.
इन पर्यटन स्थलों के विकास की तैयारी
उल्लेखनीय है कि जिले में पर्यटन विकास की संभावनाओं को तलाशने एवं पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के उद्देश्य से उपायुक्त द्वारा चांडिल अनुमंडल के पलना डैम, कुचाई प्रखंड के करकट्टा डैम, खरसावां स्थित शिव मंदिर तथा राजनगर के भीमखंदा का स्थल निरीक्षण किया गया था. निरीक्षण के दौरान संबंधित पदाधिकारियों को पर्यटन स्थलों के विकास, सौंदर्यीकरण एवं आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए विस्तृत प्राक्कलन तैयार करने का निर्देश दिया गया.
कांग्रेस नेता फूलकांत झा ने उम्मीद जताई कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से जिले में पर्यटन गतिविधियों को गति मिलेगी. साथ ही स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार, रोजगार सृजन, कृषि विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

