जामताड़ा: अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ देने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. सोमवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अनुमोदन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक हुई. बैठक में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के कुल 61,349 विद्यार्थियों के आवेदनों पर विचार करते हुए छात्रवृत्ति भुगतान की स्वीकृति प्रदान की गई.


बैठक में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के 52,675 प्री-मैट्रिक छात्र-छात्राओं तथा शैक्षणिक सत्र 2025-26 के शेष 1,404 विद्यार्थियों के आवेदनों की समीक्षा की गई. इसके अलावा पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में राज्य के अंदर संचालित विभिन्न 32 संस्थानों के 7,270 विद्यार्थियों के आवेदनों पर भी समिति ने विचार किया.
उपायुक्त ने छात्रवृत्ति आवेदनों से संबंधित सभी प्रक्रियाओं तथा पूर्व की बैठक में कराई गई रैंडम जांच की रिपोर्ट का अवलोकन किया. इसके बाद समिति की सहमति से पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भुगतान की स्वीकृति दी गई. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष छात्र-छात्राओं के आवेदनों की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए और सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर उन्हें अगली बैठक में प्रस्तुत किया जाए. उपायुक्त ने कहा कि पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए.
कक्षा के अनुसार निर्धारित है प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थियों को 1,500 रुपये, कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों को 2,500 रुपये तथा कक्षा नौ और दस के विद्यार्थियों को 4,500 रुपये छात्रवृत्ति दी जाती है. वहीं पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति विभागीय प्रावधानों के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों के लिए निर्धारित राशि के आधार पर प्रदान की जाती है.
बैठक में परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम, जिला शिक्षा अधीक्षक विकेश कुणाल प्रजापति, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी संतोष कुमार घोष सहित संबंधित प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
रिपोर्ट. मनीष बर्णवाल

