जामताड़ा: सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने को लेकर परिवहन विभाग ने अब सड़क पर सख्ती बढ़ा दी है. बुधवार को डीटीओ मुकेश कुमार के नेतृत्व में रोड सेफ्टी टीम ने फतेहपुर थाना क्षेत्र एवं पंसोई मोड़ के समीप सघन वाहन जांच अभियान चलाया. इस दौरान यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों की जांच की गयी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की गयी. अभियान के दौरान कुल 37 वाहनों से 2,43,550 रुपये का चालान किया गया. कार्रवाई के दौरान टीम ने वाहनों के कागजात, पार्किंग व्यवस्था और अन्य जरूरी यातायात नियमों की जांच की. खासकर सड़क किनारे बेतरतीब ढंग से वाहन खड़ा करने और यातायात व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने वाले वाहनों पर विभाग की नजर रही.


सिर्फ चालान नहीं, सड़क सुरक्षा का दिया संदेश
परिवहन विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य महज जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करना भी रहा. जांच के दौरान वाहन चालकों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने तथा सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन पार्क नहीं करने के प्रति जागरूक किया गया. डीटीओ मुकेश कुमार एवं रोड सेफ्टी टीम ने वाहन चालकों को समझाया कि यातायात नियम महज चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि खुद की और सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों की जिंदगी सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए हैं. थोड़ी सी लापरवाही कई बार गंभीर हादसे का कारण बन जाती है.

ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर विशेष नजर
लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए परिवहन विभाग और रोड सेफ्टी टीम की ओर से दुर्घटना संभावित स्थानों पर निगरानी और जांच अभियान को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. फतेहपुर थाना एवं पंसोई मोड़ जैसे व्यस्त मार्गों पर वाहनों की जांच कर विभाग ने स्पष्ट संकेत दिया है कि यातायात नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ेगी. अभियान के दौरान टीम ने वाहन चालकों से अपील की कि वे सड़क पर वाहन चलाते समय जल्दबाजी से बचें और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें. विभाग की ओर से आने वाले दिनों में भी सघन वाहन जांच एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान जारी रखने की कवायद की जा रही है, ताकि दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लायी जा
सके.
सड़क सुरक्षा अभियान का संदेश साफ है—नियमों का पालन करें, सुरक्षित घर पहुंचें.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

