आदित्यपुर: ब्राउन शुगर से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने बुधवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों में लंबे समय से फरार चल रही नाजिया परवीन और विपुल कर्मकार उर्फ विपुल लोहार शामिल हैं. पुलिस दोनों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी.


ब्राउन शुगर फेंककर फरार हुई थी नाजिया: पुलिस
पुलिस के अनुसार वर्ष 2025 में दर्ज आदित्यपुर थाना कांड संख्या 97/2025 में ब्राउन शुगर के साथ कुछ लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था. मामले की जांच के दौरान नाजिया परवीन का नाम कथित मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आया था. पुलिस का दावा है कि कार्रवाई के दौरान नाजिया ब्राउन शुगर फेंककर फरार हो गई थी.
इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी. पुलिस के मुताबिक गिरफ्तारी से बचने के लिए वह करीब डेढ़ वर्ष तक मुंबई, दिल्ली, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रही. इसी दौरान उसने अपने पूर्व पति जावेद अंसारी उर्फ लालटू से अलग होकर दूसरी शादी भी कर ली थी.
पुलिस को जानकारी मिली कि नाजिया दो-चार दिन पूर्व सरायकेला थाना क्षेत्र के जीवनपुर-कोलाबिरा इलाके में आकर रहने लगी है. सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस ने बुधवार, 30 सितंबर को उसे गिरफ्तार कर लिया. आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में छिपा था विपुल कर्मकार
दूसरी कार्रवाई आदित्यपुर थाना कांड संख्या 209/2026, दिनांक 28 जुलाई 2026 से संबंधित है. यह मामला एनडीपीएस एक्ट की धारा 17(b), 21(b) और 27(a) के तहत दर्ज है. मामले में राम मड़ैया बस्ती निवासी विपुल कर्मकार उर्फ विपुल लोहार प्राथमिकी अभियुक्त था.
पुलिस के अनुसार विपुल की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही थी, लेकिन वह आदित्यपुर छोड़कर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में छिपकर रह रहा था. बुधवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि विपुल आदित्यपुर आया हुआ है. इसके बाद थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे राम मड़ैया बस्ती से गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में प्रस्तुत करने के लिए भेजा गया.
विपुल का पुराना आपराधिक इतिहास: पुलिस
पुलिस के मुताबिक विपुल कर्मकार का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है. उसके खिलाफ लूट, छिनतई, आर्म्स एक्ट और ब्राउन शुगर से जुड़े मामले रहे हैं तथा वह आदित्यपुर, कदमा और बिष्टुपुर थाना क्षेत्र के मामलों में पूर्व में जेल जा चुका है. पुलिस ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले विपुल का भाई सिपुल कर्मकार भी छिनतई के एक मामले में जेल भेजा गया है. आदित्यपुर पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहे थे. बुधवार को मिली सूचनाओं के आधार पर अलग-अलग कार्रवाई कर दोनों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली.

