जामताड़ा: चित्तरंजन रेलनगरी में सोमवार को एक बंद रेलवे क्वार्टर से नरकंकाल बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. चित्तरंजन के 11 नंबर रोड स्थित रेलवे क्वार्टर संख्या 11/बी से बरामद नरकंकाल के करीब तीन साल से लापता रेलकर्मी प्रकाश चंद्र राउत राय (59) का होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि, पुलिस ने अब तक नरकंकाल की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.


जानकारी के अनुसार, प्रकाश चंद्र राउत राय वर्ष 2021 से लापता थे. वह रेलवे क्वार्टर में अकेले रहते थे. काफी तलाश के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने वर्ष 2023 में चित्तरंजन थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बावजूद उनके लापता होने का रहस्य लंबे समय तक बरकरार रहा.
क्वार्टर का ताला खुलते ही सामने आया नरकंकाल.
रेलवे क्वार्टर को नियमानुसार रेल प्रशासन को सौंपने की प्रक्रिया के तहत परिजनों ने सोमवार को क्वार्टर का ताला खोला था. इसी दौरान प्रकाश चंद्र के भतीजे सुप्रतिम राउत राय वहां रखी बाइक हटाने पहुंचे. कमरे के अंदर कुछ हड्डियां दिखाई देने पर उन्होंने इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी. बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर पहले पूजा की जाती थी, उसी हिस्से से नरकंकाल मिलने की बात सामने आई है.
घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया. सूचना पर चित्तरंजन थाना प्रभारी शेख इस्माइल अली, एसीपी कुल्टी जावेद हुसैन और सालानपुर के बीडीओ देबांजन विश्वास मौके पर पहुंचे. एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और संभावित साक्ष्य जुटाए.
तीन साल तक बंद क्वार्टर में क्या होता रहा.
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक रेलकर्मी वर्षों से लापता था और उसका क्वार्टर लंबे समय तक बंद रहा. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि इतने समय तक किसी को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली. क्या आसपास के लोगों ने कभी क्वार्टर की असामान्य स्थिति पर ध्यान नहीं दिया. क्या किसी को वहां से दुर्गंध या अन्य कोई संदिग्ध संकेत महसूस नहीं हुआ.
वर्ष 2023 में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज होने के बावजूद क्वार्टर की तलाशी कब और किस स्तर पर ली गई, यह भी जांच का महत्वपूर्ण विषय है. हालांकि, इन सवालों के जवाब पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे.
नरकंकाल की पहचान और मौत के कारणों का इंतजार.
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है कि बरामद नरकंकाल प्रकाश चंद्र राउत राय का ही है या किसी अन्य व्यक्ति का. व्यक्ति की मौत कब और किन परिस्थितियों में हुई तथा नरकंकाल क्वार्टर के अंदर कैसे पहुंचा, इसका खुलासा फोरेंसिक जांच और पुलिस अनुसंधान के बाद ही हो सकेगा.
प्रथम दृष्टया घटना को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं, लेकिन पुलिस की आधिकारिक पुष्टि और जांच रिपोर्ट के बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा. खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था. एफएसएल की टीम घटनास्थल पर जांच में जुटी हुई थी.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

