जामताड़ा: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और विपक्ष के विरोध के बीच भाजपा ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है. सोमवार को अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भाजपा नेता तरुण कुमार गुप्ता ने कांग्रेस पर एसआईआर को लेकर भ्रम फैलाने और चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर अनावश्यक सवाल खड़े करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले एसआईआर की पूरी प्रक्रिया और तथ्यों को समझना चाहिए. तरुण गुप्ता ने कहा कि 26 सितंबर को मुख्य चुनाव आयुक्त सहित तीनों चुनाव आयुक्तों की संयुक्त बैठक में एसआईआर से जुड़े निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं. चुनाव आयोग ने भी बैठक के बाद इसकी जानकारी सार्वजनिक की है. ऐसे में कांग्रेस और विपक्ष द्वारा लगातार एसआईआर की प्रक्रिया पर सवाल उठाना राजनीतिक विरोध तक तो ठीक है, लेकिन संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली पर संदेह पैदा करना उचित नहीं है.


‘ एसआईआर पर भ्रम फैलाने के बजाय तथ्य बताए कांग्रेस’
भाजपा नेता ने कांग्रेस के रुख पर हमला बोलते हुए कहा कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कोई राजनीतिक दल की मनमर्जी से चलने वाली प्रक्रिया नहीं है. इसके लिए संवैधानिक व्यवस्था और निर्धारित नियम हैं. उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस को एसआईआर को लेकर कोई आपत्ति है तो वह तथ्यों के साथ अपनी बात रखे और निर्धारित कानूनी एवं लोकतांत्रिक मंच का इस्तेमाल करे. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों ने बैठक के बाद एसआईआर से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को सार्वजनिक किया है, ताकि मतदाताओं के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे. इसके बावजूद विरोध-प्रदर्शन के जरिए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाना उचित नहीं है.
फॉर्म-6 को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना
तरुण गुप्ता ने कहा कि फॉर्म-6 को लेकर भी चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट कर दी है. एसआईआर के दौरान फॉर्म-6 के साथ अतिरिक्त घोषणा-पत्र की व्यवस्था जारी रहेगी. आयोग की ओर से इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी स्थिति स्पष्ट किए जाने की बात कही गई है. उन्होंने कहा कि जब आयोग स्वयं पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट कर चुका है तो कांग्रेस को जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने के बजाय तथ्यों के आधार पर संवाद करना चाहिए.
राहुल गांधी के बयानों पर भी भाजपा ने घेरा
प्रेस वार्ता में नगर पंचायत अध्यक्ष आशा गुप्ता ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग, न्यायपालिका और केंद्र सरकार को लेकर दिए गए बयानों पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर टिप्पणी करने से पहले तथ्यों और संस्थागत प्रक्रियाओं को ध्यान में रखना चाहिए. राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं पर चर्चा तथ्य और मर्यादा के साथ होनी चाहिए.वहीं, नगर पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील कुमार बावरी ने कहा कि चुनाव आयोग देश की संवैधानिक संस्था है. आयोग की निष्पक्षता या कार्यप्रणाली को लेकर किसी को आपत्ति है तो उसके लिए संविधान और कानून में निर्धारित रास्ते मौजूद हैं.
भाजपा नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं को सही जानकारी देना जरूरी है. उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि एसआईआर जैसे महत्वपूर्ण चुनावी विषय पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यात्मक और संस्थागत संवाद को प्राथमिकता दें.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

