जामताड़ा: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से उठाये जा रहे ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर अब देशभर में चर्चा हो रही है. इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को गांधी चौक के समीप कांग्रेस की ओर से धरना-प्रदर्शन किया गया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राहुल गांधी पहले से ही ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहे थे. अब उनके सवालों पर पूरे देश में चर्चा हो रही है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता सूची की पारदर्शिता और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा बेहद जरूरी है. डॉ. अंसारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पूर्व प्रशासनिक कार्यकाल का उल्लेख करते हुए भी सवाल उठाये. चुनाव आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार संभाला था.


SIR को लेकर युवाओं में चिंता का आरोप
मंत्री ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर युवाओं में भी चिंता है. उन्होंने आरोप लगाया कि 18 से 22 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को मताधिकार से वंचित करने की कोशिश की जा रही है. डॉ. अंसारी ने कहा कि भाजपा अब जेनरेशन-जेड के युवाओं को भी निशाना बना रही है. उन्होंने कहा कि पहली बार मतदान करने वाले युवाओं का नाम मतदाता सूची में शामिल होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण है.
पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने की मांग
धरना-प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की. साथ ही मतदाता सूची से हटाये गये पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की मांग उठायी गयी. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी पात्र नागरिक को उसके मताधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए.
वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही जरूरी है. धरना के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने SIR प्रक्रिया में सुधार तथा पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर आवाज बुलंद की.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

