जमशेदपुर: जमशेदपुर में सुबह फायरिंग की घटना के बाद रात्रि गश्ती के दौरान पुलिस की कथित सख्ती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है. वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी दुकानों और सड़कों पर मौजूद लोगों को हटाते तथा कुछ स्थानों पर लाठियां चलाते हुए नजर आ रहे हैं. हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.


इस मामले को लेकर आजाद समाज पार्टी (झारखंड) के प्रदेश अध्यक्ष सह राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य कासिफ रज़ा ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जवाब मांगा है. उन्होंने कहा कि अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस को सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन आम नागरिकों के साथ लाठी के बल पर व्यवहार करना किसी भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं है.
कासिफ रज़ा ने कहा कि एक ओर शहर में फायरिंग जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर रात्रि गश्ती के दौरान दुकानों और सड़कों पर मौजूद आम लोगों को हटाने तथा कथित रूप से लाठियां चलाने का वीडियो सामने आ रहा है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि अपराध रोकना पुलिस की जिम्मेदारी है, तो इसकी कीमत आम जनता क्यों चुकाए.
उन्होंने कहा कि जनता को सुरक्षा का भरोसा चाहिए, भय का माहौल नहीं. आम लोगों को पीटने से अपराध खत्म नहीं होंगे. पुलिस को कार्रवाई करनी है, तो अपराधियों के खिलाफ करे. यदि कोई पुलिसकर्मी भ्रष्टाचार या अपराधियों से मिलीभगत में शामिल है, तो उसके खिलाफ भी निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.
कासिफ रज़ा ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन के स्तर पर भ्रष्टाचार अथवा अपराधियों से मिलीभगत की शिकायतें सामने आती हैं, तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए अपराधियों और अपराध को संरक्षण देने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, न कि आम नागरिकों को परेशान करना.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि शाम होते ही सड़कों और दुकानों पर मौजूद आम लोगों को हटाना ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने का तरीका है, तो सरकार पूरे राज्य में शाम छह बजे के बाद कर्फ्यू ही लगा दे. लोकतांत्रिक व्यवस्था में आम नागरिकों को अपने कामकाज, रोजगार और रोजमर्रा की गतिविधियों के लिए सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए.
कासिफ रज़ा ने कहा कि प्रदेश को जंगलराज की ओर मत जाने दीजिए. जनता पर पुलिसिया अत्याचार और लाठी किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने राज्य सरकार से अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा पुलिस-प्रशासन में भ्रष्टाचार या अपराधियों से मिलीभगत के ठोस मामले सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की.
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि आम नागरिकों पर सख्ती करने के बजाय अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच कराई जाए. उन्होंने दोहराया कि जनता को सुरक्षा चाहिए, पुलिसिया अत्याचार और लाठी नहीं.
रिपोर्ट: अफरोज मलिक.

