खरसावां: खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा ने शनिवार को खूंटपानी प्रखंड मुख्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. कार्यक्रम के बाद पार्टी नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन बीडीओ को सौंपकर संशोधन का विरोध दर्ज कराया. झामुमो ने 19 सितंबर को राज्यभर के प्रखंड मुख्यालयों पर इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया था.


धरना में शामिल समाजसेवी बासंती गागराई ने आरोप लगाया कि संशोधन से झारखंड के आदिवासी- मूलवासी समुदायों और खनिज संसाधनों से जुड़े राज्य के अधिकार प्रभावित होंगे. उन्होंने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज से जुड़े फैसलों में स्थानीय लोगों की भागीदारी और हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए.
गागराई ने केंद्र की नीतियों से कॉरपोरेट घरानों को लाभ मिलने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थानीय समुदायों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने की अपील की.
कार्यक्रम में बासंती गागराई, जिला परिषद सदस्य जमुना तियू, दुर्गाचरण पाडिया, रानी हेंब्रम, रजनी बानरा, बबलू गोडसरा, सतीश पुरती, डिंबू तियू और राहुल गोप समेत बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता एवं ग्रामीण मौजूद रहे.

