रांची: झारखंड के मंत्री और गिरिडीह विधायक दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद खाली हुए मंत्री पद को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हैं. इन चर्चाओं में उनकी पत्नी श्वेता शर्मा का नाम सामने आ रहा है. हालांकि झामुमो अथवा राज्य सरकार ने अब तक मंत्री पद या गिरिडीह विधानसभा सीट को लेकर उनके नाम की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है.


उल्लेखनीय है कि सुदिव्य कुमार सोनू का 6 सितंबर को निधन हुआ था. वे हेमंत सोरेन सरकार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के साथ नगर विकास सहित कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे.
राजनीतिक हलकों में 25 सितंबर के आसपास मंत्रिमंडल को लेकर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की अटकलें हैं. लेकिन 25 सितंबर के बाद मंत्रिमंडल विस्तार अथवा फेरबदल निश्चित रूप से होगा, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है. इसलिए तारीख और श्वेता शर्मा के संभावित मंत्री बनने की चर्चा को अभी राजनीतिक संभावना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.
गिरिडीह सीट के सियासी समीकरण पर भी नजर
सुदिव्य कुमार सोनू गिरिडीह से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए थे. 2024 के विधानसभा चुनाव में उन्हें 94,042 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी निर्भय कुमार शाहाबादी को 90,204 मत मिले थे. जीत का अंतर महज 3,838 वोट था.
ऐसे में उनके निधन से रिक्त हुई गिरिडीह विधानसभा सीट पर होने वाली आगे की चुनावी प्रक्रिया भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है. श्वेता शर्मा के नाम को मंत्री पद या भविष्य की चुनावी भूमिका से जोड़कर अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन झामुमो ने उम्मीदवार अथवा मंत्री पद को लेकर औपचारिक निर्णय सार्वजनिक नहीं किया है.
*पहले भी परिवार के सदस्यों को मिली है राजनीतिक जिम्मेदारी*
झारखंड में दिवंगत मंत्रियों के परिवार के सदस्यों को बाद में राजनीतिक जिम्मेदारी मिलने के उदाहरण रहे हैं. इसी पृष्ठभूमि में श्वेता शर्मा को लेकर भी चर्चा हो रही है. हालांकि पूर्व के उदाहरणों के आधार पर वर्तमान मामले में पार्टी का फैसला तय मानना उचित नहीं होगा.
फिलहाल निगाहें झामुमो नेतृत्व और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अगले कदम पर हैं. श्वेता शर्मा के नाम की चर्चा जरूर है, लेकिन मंत्री कौन बनेगा और गिरिडीह सीट पर पार्टी किसे आगे करेगी—इस पर आधिकारिक फैसला अभी सामने नहीं आया है.

