जामताड़ा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, रांची के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जामताड़ा की ओर से सखी वन स्टॉप सेंटर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में महिलाओं एवं बच्चों के कानूनी अधिकार, संरक्षण तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई.


कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव पवन कुमार, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ, सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्रा एवं जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अंजू पोद्दार समेत विभिन्न विभागों एवं संस्थानों के पदाधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

इस अवसर पर सचिव पवन कुमार ने धारा 498ए, दहेज प्रथा, लैंगिक समानता तथा महिलाओं को प्राप्त कानूनी अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना जरूरी है. किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या कानूनी समस्या की स्थिति में उचित माध्यम से विधिक सहायता प्राप्त की जा सकती है. उन्होंने दहेज प्रथा के विरुद्ध उपलब्ध कानूनी प्रावधानों और नि:शुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया.
जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ, सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्रा एवं जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अंजू पोद्दार ने महिलाओं एवं बच्चों के संरक्षण, सहायता और कल्याण से जुड़ी विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी. वक्ताओं ने महिलाओं के सम्मान और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए सामूहिक सहभागिता की आवश्यकता पर जोर दिया.
कार्यक्रम में एलएडीसी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, डीपीएम जेएसएलपीएस, सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष एवं सदस्य, महिला थाना प्रभारी, एएनएम, वन स्टॉप सेंटर के पदाधिकारी, पीएलवी एवं परामर्शदाता समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी व प्रतिनिधि मौजूद रहे.
कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं एवं बच्चों को उनके अधिकारों, कानूनी संरक्षण और उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना तथा दहेज प्रथा सहित अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना रहा. कार्यक्रम को सफल बनाने में संबंधित पदाधिकारियों एवं पीएलवी ने सक्रिय सहयोग किया.
रिपोर्टर: मनीष वर्णवाल

